बैदिक उपदेश ---- मंत्र (75) विधा और अविधा --- विधा एवं अविधा तत्व का ज्ञान प्राप्त करना आवश्यक है । " ज्ञान रहित कर्म जो केवल भोग के लिए किया जाता हैं वह पशुवत ही हैं, कार्य रहित ज्ञान केवल वाचक होने से निष्फल हैं, हृदय की शुद्धि कर्म से ही होती हैं । इसलिए जो केवल ज्ञान के अनुयायी हैं, कर्तव्य कर्म जिन्होंने छोड दिया है, वह ज्ञान रहित केवल कर्म करनेवाले से भी अधिक अधेरे मे रहता है ।" (श्री स्वामी जी महाराज जी का ज्ञान भंडार )🙏💐🌷👍
बैदिक उपदेश ---- मंत्र (75) विधा और अविधा --- विधा एवं अविधा तत्व का ज्ञान प्राप्त करना आवश्यक है ।
• Mr. Dinesh Sahu