छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने राज्य में कोरोना वायरस के तीसरे चरण में पहुंचने और कम्युनिटी ट्रांसमिशन होने की आशंका जताई है.


छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने राज्य में कोरोना वायरस के तीसरे चरण में पहुंचने और कम्युनिटी ट्रांसमिशन होने की आशंका जताई है. राजधानी रायपुर में गुरुवार को 68 वर्षीय एक कोरोना वायरस पॉजिटिव व्यक्ति को एम्स में भर्ती कराया गया है, जिनका दावा है कि उन्होंने लंबे समय से रायपुर से बाहर की कोई यात्रा नहीं की है. ना ही वे विदेश से लौटे किसी व्यक्ति के संपर्क में आए हैं. टीएस सिंहदेव ने बीबीसी से कहा, "दुनिया भर में जिस तरह से कोरोना वायरस का सामुदायिक फैलाव हुआ है, उससे हम अब तक बचे हुए हैं. लेकिन रायपुर के नए संक्रमित व्यक्ति की रिपोर्ट के बाद मुझे इस बात की आशंका है कि यह सामुदायिक फैलाव का मामला हो सकता है. चिकित्सक आज एक बार रुिर इस मामले की जांच करेंगे." कोरोना वायरस से संक्रमित बुजुर्ग को रायपुर के एम्स में भर्ती किया गया है. एम्स के अधीक्षक डॉ. किरण पीपरे ने कहा, "कोरोना वायरस का संक्रमण है तो इसका साफ़ मतलब है कि कहीं न कहीं मरीज़ किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया है. अन्यथा तो कोई कारण नहीं है."



राज्य में कोरोना से संक्रमण का पहला मामला 18 मार्च को सामने आया था. लंदन से लौटी एक युवती को जांच के बाद रायपुर के एम्स में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है. बुधवार की देर रात भी जो पांच नए मामले में सामने आए हैं, उनमें से एक युवती हाल ही में लंदन से लौटी थी. जबकि एक युवक 12 मार्च को थाइलैंड से लौटा था. क्या है कोरोना का तीसरा चरण इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के अनुसार कोरोना वायरस महामारी के सैलने के चार चरण हैं. पहले चरण में वे लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए जो दूसरे देश से भारत में आए और उनमें पहले से ही कोरोना वायरस थे. यह स्टेज भारत पार कर चुका है क्योंकि ऐसे लोगों से भारत में स्थानीय स्तर पर संक्रमण अब सैल चुका है. दूसरे चरण में स्थानीय स्तर पर संक्रमण फैलता है, लेकिन ये वे लोग होते हैं जो किसी ना किसी ऐसे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए जो विदेश यात्रा करके लौटा हो. 'कम्युनिटी ट्रांसमिशन' को तीसरा माना जाता है. 'कम्युनिटी ट्रांसमिशन' तब होता है जब कोई व्यक्ति सीधे तौर पर संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए बिना या संक्रमित देश की यात्रा किए बिना ही इसका शिकार हो जाता है. और चौथा चरण तब होता है, जब संक्रमण स्थानीय स्तर पर महामारी का रूप ले लेता है.


 


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