कोरोना वायरस: बाड़मेर में हमारी सेना ने 1000 बेड से भी ज्यादा वाला अत्याधुनिक अस्पताल तैयार कर राजस्थान सरकार को केवल 2 दिन में किया समर्पित

इस तस्वीर में सेना का बनाया अस्पताल अंदर से कैसा दिखता है ये दावा किया गया है. दरअसल ये तस्वीर नवंबर, 2008 की है.


कोरोना वायरस: बाड़मेर में हमारी सेना ने 1000 बेड से भी ज्यादा वाला अत्याधुनिक अस्पताल तैयार कर राजस्थान सरकार को केवल 2 दिन में किया समर्पितकोविड-19 से संक्रमित मरीज़ों की संख्या भारत में 1,000 से ज्यादा हो चुकी है. भारत के सामने सबसे बड़ी समस्या स्वास्थ्य व्यवस्था में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी मानी जा रही है. क्योंकि देश में सिर्फ 70 हज़ार आईसीयू बेड हैं. लेकिन इस बीच एक नया दावा सोशल मीडिया पर किया जा रहा है. दावा किया जा रहा है, "बाड़मेर में हमारी सेना ने 1000 बेड से भी ज्यादा वाला अत्याधुनिक अस्पताल तैयार कर राजस्थान सरकार को केवल 2 दिन में किया समर्पित, व तीन अस्पताल भारत सरकार को किया समर्पित, देश के जवानों के जज़्बे को सलाम . जबजब देश संकट में आया मेरे जवान और किसानों ने देश को बचाया है. जय जवान जय किसान." बाड़मेर में हमारी सेना ने 1000 बेड से भी ज्यादा वाला अत्याधुनिक अस्पताल तैयार कर राजस्थान सरकार को __ केवल 2 दिन में किया... ये गाड़ियों वाला मोबाइल अस्पताल रूस ने बनाया और किर्गिस्तान के आपातकालीन मंत्रालय को डोनेट किया. 11 सितंबर, 2019 को किर्गिस्तान की न्यूज़ एजेंसी kabar.kg ने ख़बर को छापा है. इसमें 10 फ़िजिशियन और अस्पताल वर्कर एक साथ इलाज कर सकते हैं.हमने इस तस्वीर का मेटाडेटा निकाला तो पता चला कि इस तस्वीर को 21 मार्च, 2006 को निकॉन D200 कैमरे से खींचा गया है. साल 2015 में नेपाल में आए भूकंप के दौरान सेना ने ये मेडिकल कैंप अपातकालीन सेवाओं के लिए काठमांडू एयर बेस में लगाया था. 23 मार्च को ही भारतीय थल सेना के प्रवक्ता ने ट्वीट कर बताया, " सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि भारतीय सेना ने बाड़मेर में कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के लिए 1000 बेड वाला क्वारंटाइन सेंटर बनाया है. ये झूठा दावा है.'



इस तस्वीर में भारतीय सेना के कुछ जवान बैठे हैं. दावा है कि ये तस्वीर बाड़मेर में बने सेना के अस्पताल की है.


साफ़ है कि भारतीय सेना ने 1000 बेड वाला कोई अस्पताल कोविड-19 से संक्रमित लोगों के लिए नहीं बनाया है. साथ ही जिन तस्वीरों को राजस्थान के बाड़मेर जिले का बताया जा रहा है वो दरअसल रूस, अमरीका के मोबाइल अस्पतालों की हैं.