पाने को कुछ नहीं,* *ले जाने को कुछ नहीं;* - विजय साहू

*पाने को कुछ नहीं,*
*ले जाने को कुछ नहीं;*
*उड़ जाएंगे एक दिन...*
*तस्वीर से रंगों की तरह!*
*हम वक्त की टहनी पर...*
*बैठे हैं परिंदों की तरह !!*
*खटखटाते रहिए दरवाजा...*
*एक दूसरे के मन का;*
*मुलाकातें ना सही,*
*आहटें आती रहनी चाहिए !!*
*ना राज़ है... “ज़िन्दगी”*
*ना नाराज़ है... “ज़िन्दगी"*
*बस जो है, वो आज है... “ज़िन्दगी”*


Popular posts
ग्रामीण आजीविका मिशन मे भ्रष्टाचार की फिर खुली पोल, प्रशिक्षण के नाम पर हुआ घोटाला, एनसीएल सीएसआर मद से मिले 12 लाख डकारे
Image
आंसू" जता देते है, "दर्द" कैसा है?* *"बेरूखी" बता देती है, "हमदर्द" कैसा है?*
कान्हावाड़ी में बनेगी अनूठी नक्षत्र वाटिका, पूर्वजों की याद में लगायेंगे पौधे* *सांसद डीडी उइके एवं सामाजिक कार्यकर्ता मोहन नागर ने कान्हावाड़ी पहुँचकर किया स्थल निरीक्षण
Image
कुदरत का कहर भी जरूरी था साहब, वरना हर कोई खुद को खुदा समझ रहा था*  - दिनेश साहू
Image
अगर आप दुख पर ध्यान देंगे तो हमेशा दुखी रहेंगे और सुख पर ध्यान देंगे तो हमेशा सुखी रहेंगे
Image