श्री गणेशाय नमः आज का नाम है( संप्रदाय ईश्वरी) शिष्य संप्रदाय को ज्ञान देने में समर्थ संप्रदाय यानी सदैव ज्ञान .प्रदाय का मतलब है देना जो शिष्यों को गुरुद्वारा दिया जाता है और ईश्वरी का अर्थ है स्वामिनी या अधिष्ठात्री.. देवी यह ज्ञान परंपरागत और विवेक रूप है जैसे आकाश तथा अन्य गुणों का ब्रह्म ब्रह्म में उपाधि की जाती है जो पूर्णता निर्गुण और निरूपा धी है आकाश आदि के गुण शब्द आदि तथा अन्य इस प्रकार के गुणों को ब्रह्म के साथ जोड़ दिया जाता है ,जबकि यह पूर्णता निरोप आधी है. संप्रदाय से संप्रदाय पंचदशी का अर्थ भी लगाया जा सकता है जैसे कि योगिनी हृदय का कथन है. दत्तात्रेय संहिता में भी कहा गया है कि संप्रदाय का अर्थ कादी विद्या से है जय माई की
शिष्य संप्रदाय को ज्ञान देने में समर्थ संप्रदाय यानी सदैव ज्ञान .प्रदाय का मतलब है देना जो शिष्यों को गुरुद्वारा दिया जाता है और
• Mr. Dinesh Sahu