कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री राकेश सिंह द्वारा कोविड -19 के संक्रमण को रोकने हेतु लॉक-डाउन के दौरान धारा 144 के तहत प्रभावशील प्रतिबंधात्मक आदेश

बैतूल। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री राकेश सिंह द्वारा कोविड -19 के संक्रमण को रोकने हेतु एवं भारत सरकार गृह मंत्रालय की गाइड लाइन दिनांक 15 अप्रैल 2020 एवं उसके अनुक्रम में समय-समय में जारी होने वाले संशोधन/अतिरिक्त निर्देश (आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अंतर्गत) को लागू करने हेतु दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 अंतर्गत एक विस्तृत आदेश दिनांक 19 अप्रैल 2020 को दां.प्र.क्र. 0006/144/2020, जो दिनांक 20/04/2020 से प्रभावशील हुआ, पारित किया गया था। ___ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री राकेश सिंह ने कोविड-19 के प्रभाव को रोकने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित करने आम जनता का अनावश्यक सावर्जनिक स्थलों पर आना-जाना विनियमित करने एवं छूट प्राप्त गतिविधियों को आदेशों/अनुमतियों अनुसार ही संचालित करने के दृष्टिकोण से निम्नानुसार अतिरिक्त उपबंध एवं व्यवस्थाएँ संबंधी अतिरिक्त आदेश 21 अप्रैल 2020 से दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रदत्त अधिकारों को प्रयोग करते हुए सर्व संबंधितों एवं सर्वसाधारण की पालनार्थ निम्नांकित प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये हैंआदेश के अनुसार किसी भी व्यक्ति के बैतूल जिले की राजस्व सीमा में स्थित सडक़ों पर, सावर्जनिक स्थल, सार्वजनिक मार्गों अथवा अन्य किसी भी स्थल पर एकत्रित होने, खड़े होने पर तत्काल प्रभाव से पूर्णत: प्रतिबंधित किया जाता है। बैतूल जिले की सीमा में निवासरत सभी रहवासियों का बिना किसी युक्तियुक्त कारण के अपने घर से निकलना प्रतिबंधित किया जाता है, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित की जा सके। पेट्रोल पंप संचालक बिना मास्क पहने किसी भी व्यक्ति को पेट्रोल/डीजल प्रदाय नहीं करेंगे। यह भी सुनिश्चित किया जावे कि पेट्रोल/डीजल प्रदान करने वाले कर्मचारी भी अनिवार्य रूप से फेस मास्क एवं दस्ताने धारण करेंगे। सभी दवा विक्रेता सुनिश्चित करे कि बिना मास्क पहने किसी भी व्यक्ति को दवा एवं चिकित्सा सामग्री प्रदाय नहीं करेंगे। यह भी सुनिश्चित किया जावे कि दवा एवं चिकित्सा सामग्री प्रदान करने वाले कर्मचारी भी अनिवार्य रूप से फेस मास्क एवं दस्ताने धारण करेंगे। सभी किराना, फल, सब्जी, दूध विक्रेता यह सुनिश्चित उनके कर्मचारी भी किसी भी व्यक्ति को सामग्री प्रदाय नहीं करेंगे तथा स्वयं एवं अनिवार्य रूप से फेस मास्क एवं दस्ताने धारण करेंगे। कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बैतूल के प्रतिबंधात्मक आदेश दिनांक 29 अप्रैल 2020 के द्वारा दिनांक 20 अप्रैल 2020 से कछ चयनित अतिरिक्त गतिविधियों के संचालन की अनुमति दी गई है। सभी तरह की इन अनुमति प्राप्त गतिविधियों में सोशल डिस्टेंसिंग एवं मानक संचालन प्रक्रियाओं (एस.ओ.पी.) का पूर्णत: पालन करना अनिवार्य है, जिन्हें सर्वसाधारण की सुविधा के लिए इस आदेश के साथ अनुलग्नक-1 एवं अनुलग्नक-2 के रूप में पुन: संलग्न किया जा रहा है। मेडिकल स्टोर एवं नगरीय क्षेत्रों में मोहल्ला किराना दुकानों को छोडक़र सभी के संबंध में अनुलग्नक-1 एवं अनुलग्नक-2 की पूर्णत: व्यवस्था होने पर एवं की गई व्यवस्था की अनुमति व देखरेख संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी/कार्यपालिक दण्डाधिकारी सह-इंसिडेंट कमांडर की अनुमति प्राप्त कर उनके पर्यवेक्षण में ही संचालन किया जावे। जहां आवश्यक हो वहाँ इंसिडेंट कमांडर इस प्रकार की व्यवस्था होने पर ही एवं उनका पालन सुनिश्चित होने पर ही इंसिडेंट कमांडर ऐसे प्रतिष्ठानों को पृथक-पृथक खोलने या बंद कराने के आदेश दे सकेंगे। मेडिकल स्टोर एवं मोहल्ला किराना दुकानों में भी सोशल डिस्टेंसिंग एवं एसओपी का पालन अनिवार्य होगा एवं उल्लंघन होने पर समस्त के विरुद्ध कार्यवाही की जावेगी, परन्तु इन्हें कोई पृथक अनुमति या पृथक पर्यवेक्षण की आवश्यकता नहीं होगी। लॉक-डाउन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से प्रवर्तनसभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी, सभी अनुविभागीय पुलिस अधिकारी, सभी कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सह इंसिडेंट कमांडर, सभी थाना प्रभारी एवं अन्य पुलिस अधिकारी, नगर पालिका, जनपद पंचायत, ग्राम पंचायत के इस कार्य को कर रहे सभी अधिकारी एवं कर्मचारी भारतीय दण्ड संहिता 1860 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत जारी इन दिशा निर्देशों को किसी भी तरीके से कमजोर नहीं होने देंगे और इन्हें सख्ती से लागू करवाएंगेसभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी/कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सह इंसिडेंट कमांडर आवश्यकता अनुसार अन्य प्रावधान लोक सुरक्षा की दृष्टि से स्थानीय स्तर पर करते रहेंगे। कृषि एवं उद्यानिकी संबंधी गतिविधियां - कृषि एवं उद्यानिकी संबंधी गतिविधियों में पूरी तरह से सोशल डिस्टेंसिंग, फेस मास्क लगाना आदि का पालन किया जाता रहेगा एवं कृषि संबंधी गतिविधियो की जिन दुकानों व प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति है, उनमें पूर्णत: अनुलग्नक-1 एवं अनुलग्नक-2 का पालन होगा। उल्लंघन/अपालन की दशा में अनुविभागीय दण्डाधिकारी/कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सह इंसिडेंट कमांडर इन्हें बंद करने का आदेश दे सकेंगे व पुलिस अधिकारी दण्डात्मक कार्यवाही भी कर सकेंगे


लॉकडाउन आदेशों एवं व्यवस्थाओं को लाग करने के संबंध में निर्देश - सभी कार्यपालिक मजिस्ट्रेट राष्ट्रीय कोविड-19 निर्देशों को सख्ती से लागू करेंगे जैसा कि अनुलग्नक-1 में निर्दिष्ट है। इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले सभी व्यक्तियों और संस्थाओं से निर्धारित जुर्माना वसूला जाएगा। सभी औद्योगिक और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, कार्य स्थल, कार्यालय आदि अपने कामकाज शुरू करने से पहले अनुलग्नक-2 में उल्लेखित एसओपी के कार्यान्वयन की व्यवस्था करेंगा इस व्यवस्था की सूचना महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, बैतूल को उनके ई-मेल grba aicin पर देगें। महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, बैतुल निरीक्षण कर कार्य प्रांरभ करने की अनुमति अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी बैतूल के अनुमोदन उपरांत जारी करेंगेइंसिडेंट कमांडरों को विशेष रूप से यह सुनिश्चित करना होगा कि अस्पताल के बुनियादी ढांचे के विस्तार और विस्तार के लिए संसाधनों, श्रमिकों और सामग्री जुटाने के सभी कार्य/प्रयास बिना किसी बाधा के जारी रहेंदिशा-निर्देशों के कड़ाई से कार्यान्वयन के लिए सभी व्यवस्थाओं को आवश्यक बनाने के बाद, इन दिशा निर्देशों में अनुमत अतिरिक्त गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। दंड के प्रावधान - कोई भी व्यक्ति जो इन लॉकडाउन उपायों का उल्लंघन कर रहा है, उस पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई के अलावा, आईपीसी की धारा 188 और अन्य कानूनी प्रावधान लागू होते हैं, जिसके तहत कार्यवाही की जाएगी। इन दंड प्रावधानों की जानकारी अनुलग्नक 3 पर हैं___ यह आदेश आम जनता को सम्बोधित किया गया है। चूंकि वर्तमान में ऐसी परिस्थितियाँ नहीं है, और ना ही यह सम्भव है कि इस आदेश की पूर्व सूचना प्रत्येक व्यक्ति या समूह को दी जाकर सुनवाई की जा सके। अत: दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (2) के अंतर्गत यह आदेश एकपक्षीय पारित किया गया है। आदेश से व्यथित कोई भी व्यक्ति दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (5) के अंतर्गत कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बैतूल के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा। अत्यंत विशेष परिस्थितियों में अधोहस्ताक्षरकर्ता संतुष्ट होने पर आवेदक को किसी भी लागू शर्तों से छूट दे सकेगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 88 तथा एपिडेमिक एक्ट 1897 के तहत म0प्र0 शासन द्वारा जारी किये गए विनियम दिनांक 23/03/2020 की कंडिका 10 के अंतर्गत भारतीय दण्ड संहिता की धारा 187, 188, 269, 270, 271 के अंतर्गत दंडनीय है एवं उल्लंघनकर्ता के विरूद्ध इन धाराओं के अंतर्गत कार्यवाही की जावेगी। यह आदेश 21 अप्रैल 2020 से आगामी आदेश पर्यन्त प्रभावशील रहेगा। अनुलग्नक-1 कोविड-19 प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय निर्देश आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 में निर्धारित जुर्माना और दंड कार्रवाई के माध्यम से राष्ट्रीय निर्देशों को जिला मजिस्ट्रेट द्वारा लागू किया जाएगा।


आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 में निर्धारित जुर्माना और दंड कार्रवाई के माध्यम से राष्ट्रीय निर्देशों को जिला मजिस्ट्रेट द्वारा लागू किया जाएगा। सार्वजनिक स्थल सभी सार्वजनिक स्थानों कार्य स्थानों पर फेस कवर पहनना अनिवार्य है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक स्थानों, कार्य स्थानों और परिवहन के प्रभारी सभी व्यक्ति सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करेंगेकोई भी संगठन/प्रबंधक सार्वजनिक स्थानों की 5 या अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने हेतु अनुमति नहीं देगाविवाह और अंत्येष्टि जैसे कार्यक्रम जिला मजिस्ट्रेट द्वारा विनियमित किए जाएंगे। सार्वजनिक स्थानों पर थूकना दंडनीय होगा। शराब, गुटखा,तम्बाकू आदि की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध होना चाहिए और थूकना सख्त वर्जित होना चाहिए। कार्य स्थान सभी कार्य स्थानों में तापमान जांच के लिए पर्याप्त व्यवस्था होगी और सुविधाजनक स्थानों पर सेनिटाइजर प्रदान किया जाएगा। कार्य स्थानों में शिफ्ट परिवर्तन के बीच एक घंटे का अंतर होगा और सोशल डिस्टेंसिंग को सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों के दोपहर के भोजन के ब्रेक अलग-अलग होंगे। 65 वर्ष से अधिक आयु वाले व्यक्तियों और 5 बर्ष से कम आयु के बच्चों के माता-पिता और सह रूग्णता वाले व्यक्तियों को घर पर रहकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। निजी और सार्वजनिक दोनों तरह के कर्मचारियों के लिए आरोग्य सेतु के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। सभी संगठन शिफ्टों के बीच अपने कार्य स्थानों को सैनिटाइज करेंगे। बड़ी बैठक निषिद्ध हैं। निर्माण सामग्री आम सतहों की बार-बार सफाई और अनिवार्य रूप से हाथ धोना अनिवार्य होगा। शिफ्ट्स का ओवरलैप नहीं हो और कैंटीन में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लंच भी अलग- अलग होना सुनिश्चित किया जाएगा


अच्छी स्वच्छता प्रथाओं पर सघन प्रशिक्षण और जागरूकता का नियमित रूप से प्रसार किया जाएगा। अनुलग्नक-2 कार्यालयों, कार्यस्थल, कारखानों और प्रतिष्ठानों के लिए सोषल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) सभी कार्यालयों, कारखानों और अन्य प्रतिष्ठानों द्वारा निम्नलिखित उपायों को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा - सम्बंधित प्रतिष्ठान के सम्पूर्ण परिसर को उपयुक्त कीटाणुनाशक माध्यमों का उपयोग करते हुए पूरी तरह से कीटाणुरहित किया जाए, जिसमें - भवन, कार्यालय आदि का प्रवेश द्वार, कैफेटेरिया और कैंटीन, मीटिंग रूम, कॉन्फ्रेंस हॉल/उपलब्ध खुला क्षेत्र/बरामदै। प्रवेश द्वार स्थल, बंकर, पोर्टा केबिन, भवन आदि, उपकरण और लिफ्ट, वॉशरूम, टॉयलेट, सिंक, पानी के बिंदू आदि, दीवारों/अन्य सभी सतहें शामिल हैं। बाहर से आने वाले श्रमिकों के लिए, सार्वजनिक परिवहन प्रणाली पर बिना किसी निर्भरता के विशेष परिवहन सुविधा की व्यवस्था की जाए। ये दाहन सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए केवल 30-40 प्रतिशत् यात्री क्षमता के साथ काम करें। परिसर में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों और मशीनरी को स्प्रे द्वारा अनिवार्य रूप से कीटाणुरहित किया जाना चाहिएकार्य स्थल पर प्रवेश करने और बाहर निकलने वाले हर व्यक्ति की अनिवार्य रूप से थर्मल स्कैनिंग की जाएश्रमिकों के लिए चिकित्सा बीमा अनिवार्य किया जाएटच फ्री मैकेनिज्म के साथ सभी प्रवेश और निकास बिंदूओं और सामान्य क्षेत्रों में हाथ धोने और सेनिटाइजर की व्यवस्था की जानी चाहिए। उक्त सभी वस्तुएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होना चाहिए। शिफ्ट परिवर्तन के बीच एक घंटे का अंतर होना चाहिए और सोशल डिस्टैसिंग को सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों के दोपहर के भोजन के ब्रेक को भी उपयुक्त संख्या में पृथक किया जाना चाहिए10 या अधिक लोगों की बड़ी सभाओं को जहाँ तक संभव हो नही किया जाना चाहिए। कार्यस्थल, सभाओं, बैठकों और प्रशिक्षण सत्रों में कम से कम 6 फिट की दूरी पर रहने/बैठने की व्यवस्था होनी चाहिए। दो/चार से अधिक व्यक्तियों ( लिफ्ट के आकार के आधार पर) को लिफ्ट या होईस्ट में यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। चढ़ाई के लिए सीढ़ी के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। गुटखा, तम्बाकू आदि का सख्त प्रतिबंध होना चाहिए और धूकना सख्त वर्जित होना चाहिए। साइटों पर गैर-आवश्यक आगंतुकों पर पूर्णत: प्रतिबंध होना चाहिए।