कोरोना संकट में क्वारंटीन सेंटर बने तिरुपति, श्रीकलाअष्टी और कनिपकम मंदिर


कोरोना वायरस संक्रमण के दौर में मानव इतिहास एक नए दौर से गुजर रहा है. इस वायरस को समझने की कोशिशें दुनिया भर में चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर इसकी चपेट में आ कर अब तक 1.97 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. ऐसे संकट के दौर में आंध्र प्रदेश के स्कूल और मंदिर क्वारंटीन सेंटर में तब्दील हो गए हैं. आंध्र प्रदेश ही दुनिया भर में मशहूर कुछ मंदिरों ने अपनी इमारतों को क्वारंटीन सेंटर बनाने के लिए दे दिया है. तिरूमला- तिरुपति, श्रीकलाअष्टी, कानिपकम मंदिरों के बोर्ड ने अपने स्वामित्व वाली कुछ इमारतों को कोविड-19 मरीजों के क्वारंटीन के लिए मुहैया कराई हैं. यानी इन मंदिरों के घरों के दरवाज़े हर धर्म के लोगों के लिए इन दिनों खुले हुए हैं. इन मंदिरों की इमारतों में हिंदुओं के साथ मुसलमान ही नहीं बल्कि दूसरे देशों के नागरिकों को भी शरण मिली हुई है. जबकि कुछ लोगों को इन इमारतों में इलाज की सुविधा मिल रही है. जिला के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा पदाधिकारी पंचचल्लैया ने बीबीसी को बताया कि इमारत में 500 कमरे हैं जिनमें फिलहाल कोविड-19 संक्रमित 200 मरीजों का इलाज चल रहा है. दिल्ली में तब्लीगी जमात के आयोजन में शामिल होने के बाद कोरोना से संक्रमित मरीज भी यहां लाए गए हैं. इलाज के अलावा तिरुमला-तिरुपति देवस्थानम इन लोगों को खाना भी मुहैया करा रहा है. हाल ही में यहां एक 56 साल के ब्रिटिश नागरिक को भी क्वारंटीन किया गया था. तीन सप्ताह क्वारंटीन रहने और दो बार कोरोना वायरस के टेस्ट में निगेटिव पाए जाने के बाद उन्हें डिस्चार्ज किया गया है.


हजारों लोगों के खाने का इंतजाम तिरुमला-तिरूपति देवस्थानम जरूरतमंद लोगों को खाना भी उपलब्ध करा रहा है. महामारी वाले संकट के दौर में मंदिर प्रतिष्ठान प्रतिदिन एक लाख चालीस हजार फूड पैकेट्स हर रोज मुहैया करा रहा है. प्रतिष्ठान के जन संपर्क अधिकारी रवि ने बीबीसी को बताया कि इस अभियान में मंदिर प्रतिष्ठान के 500 कर्मचारी जुटे हुए हैं. "पद्मावती निलयम के अलावा श्रीनिवासम और माधवम लॉज और मंदिर के अन्य जगहों पर ठहरे लोगों को भोजन उपलब्ध करा रहे हैं. इस व्यवस्था को समुचित रूप से चलाने के लिए मंदिर प्रतिष्ठान के 500 कर्मचारी दो शिफ्टों में काम कर रहे हैं." कनिपकम मंदिर कनिपकम मंदिर भारत में गणपति का सबसे बड़ा मंदिर है. यह तिरूपति मंदिर के पास चित्तूर जिले में स्थित है. कनिपकम मंदिर के पदाधिकारों ने 100 कमरों वाला गणेश सदन क्वारंटीन सुविधा के लिए प्रशासन को मुहैया कराया है. मंदिर के एक अधिकारी देवुलू के मुताबिक 4 अप्रैल तक गणेश सदन में उन 40 लोगों को रखा गया था जिनके बारे में संदेह था कि वे कोविड-19 से संक्रमित हैं,


देवुलू ने बीबीसी को बताया, "हमलोगों ने गणेश सदन प्रशासन को सौंपा था. उन लोगों ने एक अप्रैल से लेकर चार अप्रैल तक इसका इस्तेमाल क्वारंटीन सेंटर के तौर पर किया. चार अप्रैल को पता चला कि संदिग्धों में कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं है. तब सबको अपने अपने घर भेज दिया गया. इसके बाद से अब तक यहां किसी को नहीं लाया गया है." इसमें हिंदू भी थे और मुसलमान भी.श्रीकलाअष्टी चित्तूर जिले में ही शिव का श्रीकलाअष्टी मंदिर है. इस मंदिर के एक अधिकारी ने बताया कि प्रतिष्ठान ने अपना गंगा सदन गेस्टहाउस प्रशासन को मुहैया कराया था, जिसका प्रशासन ने कुछ दिनों तक इस्तेमाल किया है. इसके बाद प्रशासन की ओर से क्वारंटीन सेंटर को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया गया.


जब आखिरी बार आंकड़े अपडेट किए गए: 26 अप्रैल 2020, 2:41 अपराह्न IST संक्रमण की आशंका के चलते खुद जरीना बेगम इन दिनों सेल्फ आइसोलेशन में रह रही हैं. वहीं मंदिर के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया, "गंगा सदन गेस्टहाउस श्रीकलाअष्टी मंदिर से एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. यहां भक्त ठहरा करते थे. एक सप्ताह तक प्रशासन ने इसका इस्तेमाल क्वारंटीन सेंटर के तौर पर किया था. इसके बाद प्रशासन ने क्वारंटीन सेंटर को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया. अभी हमारे किसी इमारत का इस्तेमाल क्वारंटीन सेंटर के तौर पर नहीं हो रहा है." वैसे श्रीकलाअष्टी अब रेड जोन इलाके में शामिल हैं. चित्तूर में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है, अभी जिले में


 


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