लॉकडाउन में कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में एक मंदिर के रथ खींचने के सालाना आयोजन में जमा हुए सैकड़ों लोग, पूरा गाँव सील, अबतक पाँच गिरफ्तार

कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में एक मंदिर के रथ खींचने के सालाना आयोजन में लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए सैकड़ों लोग जमा हो गए. यह इसलिए भी चौंकाने वाला मामला है क्योंकि भारत में कोविड-19 संक्रमण से पहली मौत की खबर कलबुर्गी ज़िले से ही आयी थी. लोगों के जमा होने की घटना में जिला प्रशासन ने हरकत में आते हुए रेवूर गाँव को सील कर दिया है. इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का उल्लंघन करने वालों पर अंकुश नहीं लगा पाने के चलते चित्तापुर तालुक के डिविजनल मजिस्ट्रेट और पुलिस विभाग के एक सब इंस्पेक्टर को निलंबित किया गया है. वैसे विचित्र बात यह भी है कि इस गाँव से दो किलोमीटर दूर ही वाडी गाँव है जहां की 10 हजार आबादी को कोविड-19 संक्रमण के लिहाज़ से कलस्टर इलाक़ा घोषित किया जा चुका है. वाडी गाँव में दो साल के एक बच्चे को कोरोना पॉज़िटिव पाया गया है जबकि अब तक इसका पता नहीं चल पाया है कि बच्चे तक संक्रमण कैसे पहुंचा.


अधिकारियों ने बीबीसी हिंदी को बताया है कि बुधवार की शाम को कुछ पुजारियों और मंदिर के ट्रस्ट से जुड़े सदस्यों की मौजूदगी में परंपरागत आयोजन किया गया था. लेकिन एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार की सुबह रथ को मंदिर परिसर से बाहर निकाला गया और उसे खींचने के लिए सैकड़ों लोग जमा हुए थे. माना जा रहा है कि इस दौरान मौजूद लोगों की संख्या 1000 से कम रही होगी. चित्तापुर के कांग्रेस विधायक प्रियंका खर्गे ने बीबीसी हिंदी को बताया, "अचरज की बात ये है कि मंदिर के ट्रस्ट ने सरकार को अंडरटेकिंग अंडरटेकिंग दिया था जिसमें कहा गया है कि वे आयोजन नहीं करेंगे. मंदिर के ट्रस्ट ने प्रेस कांफ्रेंस भी किया था. स्थानीय अधिकारी भी लगातार मंदिर के ट्रस्ट के लोगों के साथ बैठकें कर अनुरोध कर रहे थे कि इसबार आयोजन नहीं किया जाए." कलबुर्गी भारत का ऐसा पहला ज़िला है जिसे हॉटस्पॉट इलाका घोषित किया गया था. मतलब कोरोना संक्रमित मरीज़ों वाले इलाके को पूरी तरह सील कर दिया गया था, वहां आस पास रहने वाले परिवारों के लिए आवश्यक सामानों की आपूर्ति सरकार की ओर से मुहैया कराई जा रही है. इस घटना के सामने आने से मुश्किल में आया जिला प्रशासन अब रेवूर गांव में कुछ मेडिकल प्रोफेशनल्स की टीम भेज रहा है जो गाँव के लोगों का थर्मल स्क्रीनिंग करेगी और बुखार जाँचेगी. कलबुर्गी जिले के डिप्टी कमिश्नर शरत बी ने बीबीसी हिंदी को बताया, "हम वहाँ टीम भेज रहे हैं जो देखेगी कि लोगों को बुखार तो नहीं आ रहा है. हमने गाँव को पहले ही सील कर दिया है." शरत ने यह भी बताया कि पड़ोस के वाडी गाँव में दो साल के बच्चे को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद कांटैक्ट ट्रेसिंग के जरिए अन्य प्रभावित लोगों का पता लगाने की कोशिश चल रही है. वहीं कलबुर्गी जिले के पुलिस अधीक्षक इयाडा मार्टिन मारबानियांग ने मंदिर की घटना के बाद की गई कार्रवाई पर बीबीसी हिंदी से कहा, "हम लोगों ने निषेधात्मक आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में मंदिर के ट्रस्ट और 19 अन्य लोगों पर एफआईआर दर्ज की है. अभी तक पाँच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है."


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