शिवराज जी निराशा में झूठ का सहारा न लें*  - अभय दुबे


*शिवराज जी निराशा में झूठ का सहारा न लें* 


भोपाल, 


भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेशनल मीडिया कोर्डिनेटर अभय दुबे ने बताया कि कल  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  ने अपने पद की गरिमा के विपरीत एक झूठा बयान दिया है जिसमें उन्होंने कहा कि 23 मार्च के पहले प्रदेश में कोरोना का कोई टेस्ट नहीं हुआ था क्योंकि यहाँ कोई लेबोरेटरी नहीं थी सच्चाई यह है कि मध्यप्रदेश 
में कोरोना का पहला टेस्ट 19 मार्च 2020 को  मध्यप्रदेश के जबलपुर में स्थापित एनआईआरटीएच  एक रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर की लेबोरेट्री में हुआ था। इस लेब की स्थापना सन 1984 में हुई थी। इस वायरोलॉजी लेब में पहले से इस  प्रकार की जाँच (RT-PCR ) की व्यवस्था मौजूद है । इतना ही नहीं, एम्स भोपाल में भी पहले से ही इस प्रकार की जाँच की  क्षमता है । 
 
श्री दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह जी को याद होगा कि इंदौर में वायरोलॉजी लेब स्थापित करने की घोषणा उन्होंने 2015 में की थी और जैसा कि हमेशा से होता आया है उन्होंने इस दिशा में कोई क़दम नहीं उठाया।यहाँ तक कि इंदौर हाइकोर्ट में एक विद्वान वकील ने मुख्यमंत्री की इस झूठी घोषणा के खिलाफ़ याचिका भी दायर की थी । तत्पश्चात कांग्रेस सरकार ने आते ही तेजी से इस दिशा में काम किया और दिसंबर 2019 में इस प्रयोगशाला ने काम करना प्रारंभ किया । 


उन्होंने बताया कि  इसी प्रकार कांग्रेस सरकार के अथक प्रयासों से जनवरी 2019 में भोपाल मेडिकल कॉलेज में स्टेट वायरोलॉजी लेब प्रारंभ की गई । टेस्टिंग किट की उपलब्धता केंद्र सरकार पर निर्भर थी ,उसके आते ही दोनों प्रयोगशालाओं में भी कोरोना टेस्टिंग होने लगी।


श्री दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री जी
आप इस महामारी को राजनैतिक दृष्टिकोण से मत देखिए। आप कोशिश कीजिए कि जल्द ही हमको रेपिड एंटी बॉडी टेस्ट किट्स उपलब्ध हो जाएँ ताकि प्रदेश के हॉट स्पॉट्स और नए संभावित संक्रमित क्षेत्रों में हम जाँच का दायरा बढ़ा सकें। इस किट से मात्र 30 मिनिट में रिपोर्ट आ जाती है और खर्च भी मात्र 300 रु आता है। 4 अप्रैल को आई सी एम आर ने गाइडलाइन जारी की है , अब तक हमको वो किट्स मंगवा लेनी चाहिए थी। 
अब उम्मीद है कि जब चाइना से किट्स जल्द ही हिंदुस्तान आने वाली हैं तो मध्यप्रदेश को भी अपेक्षित 50 हज़ार किट्स जल्दी मिल जाएं ।