कलेक्टर ने जिले के अभिभावकों से बच्चों को डिजिटल शैक्षिक सामग्री का उपयोग कर पढाई हेतु प्रेरित करने की अपील की


उमरिया - जिले में डिजिएलईपी के माध्यम से बच्चों की पढाई एवं सीएम राईज के माध्यम से डिजिटल शिक्षक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ साथ रेडियो स्कूलए दूरदर्शनए स्थानीय केबल नेटवर्क के माध्यम से प्रसारण किया जा रहा है जिसके माध्यम से विद्यार्थियो के शैक्षणिक गतिविधियों में दक्षता लाने का कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही दक्षता उन्नयन के लिए अभ्यास पुस्तिकाओ के माध्यम से भी बच्चों की पढ़ाई कराई जा रही है। जिन बच्चो या अभिभावको के पास एन्ड्रायड फोनए रेडियोए टीव्ही आदि सुविधाएं उपलब्ध नहीं है कलेक्टर उमरिया संजीव श्रीवास्तव ने लाक डाउन के दौरान बंद पड़ी स्कूलों के कारण बच्चों की प्रभावित होने वाली पढाई को पुनः व्यवस्थित करने के उददेश्य से जिले में चलाये जा रहे विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों में अभिभावकों से सहयोग की अपील की है। इस संबंध में कलेक्टर उमरिया द्वारा अभिभावकों को पत्र (पंपलेट) के माध्यम से शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है।


जिले मे कक्षा 1 से 12 तक अध्ययन करने वाले सभी बच्चों के अभिभावकों के लिए राज्य द्वारा संचालित सभी गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की विवरणिका एक पोस्टर के माध्यम से मुद्रण करा कर शिक्षकों द्वारा घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा और उन्हें सभी कार्यक्रमों की उक्त आशय की जानकारी देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी सह जिला परियोजना समन्वयक उमेश कुमार धुर्वे द्वारा बताया गया कि वर्तमान में हमारे शिक्षक कक्षा 1.12 में पढ़ने वाले सभी बच्चों के घर जा जाकर जाकर बच्चों और उनके पालकों से संपर्क कर रहे हैं। साथ ही उक्त दोनों पंपलेट व पोस्टर भी उनके अभिभावकों को देकर जिले में संचालित कार्यक्रमों की जानकारी दे रहे हैं। बच्चों को रोज एक पेज पढ़ने तथा एक लिखने के लिए प्रेरित किया जाता है। 20 तक का पहाड़ा याद करने के लिए प्रेरित किया जाता है। नियमित रूप से मोबाइल के माध्यम से होमवर्क दिया जाता है और मोबाइल के माध्यम से ही चेक किया जाता है। गलतियां सुधारकर पुनः प्रेषित किया जाता है


इसी तरह शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में हमारे जिले की स्थिति अच्छी है। कुल लक्ष्य 2840 शिक्षकों में से प्रथम कोर्स 7303 प्रतिशत शिक्षकों ने और द्वितीय कोर्स 61 प्रतिशत शिक्षकों ने पूरा कर लिया है। शेष शिक्षकों को 30 मई तक दोनों कोर्स पूर्ण करने के लिए व्यक्तिगत संपर्क कर निर्देशित किया जा रहा है।


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