कोरोना: विदेश में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने की क्या है सरकार की योजना ?


पिछले 24 घंटों में भारत में कोविड-19 संक्रमण के 3,390 नए मामले सामने आए हैं और इनमें से 1,273 लोग इलाज के बाद ठीक भी हो चुके हैं. ये आंकड़े केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने शुक्रवार शाम हुई प्रेस कान्फ्रेस में दी है. इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में गृह मंत्रालय की अधिकारी पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार की कोशिश है कि देश के अलगअलग हिस्सों में जो मज़दूर, छात्रों और पर्यटकों फंसे हुए हैं उन्हें उनके घर पहुंचाया जाए. इसके लिए सरकार ने विशेष बसें और ट्रेनें चलाने की इजाज़त दी है. विदेश से फंसे भारतीयों को लाने की क्या है याजना? इसकी कड़ी में सरकार की दूसरे बड़ी प्राथमिकता है विदेशों में फंसे लोगों को चरणबद्ध तरीके से देश वापस लाना. इसके लिए यात्रा की व्यवस्था नॉन-शेड्यूल्ड कमर्शियल फ्लाइट्स और नौसेना के जहाज़ों के द्वारा की गई है.


पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि यात्रा शुरु होने से पहले कोरोना के लिए यात्रियों की जांच की जाएगी और जिन यात्रियों में लक्षण नहीं होंगे केवल उन्हीं को यात्रा करने की इजाज़त दी जाएगी. सभी यात्रियों को सरकार को ये लिखित में देना होगा कि भारत आने पर कम से कम 14 दिनों के लिए अपने खर्चे पर क्वारंटीन सेंटर पर अनिवार्य क्वारंटीन में रहना होगा. भारत पहुंचने पर सभी यात्रियों की जांच की जाएगी और उन्हें आरोग्य सेतु ऐप पर खुद को रजिस्टर करना होगा. इस स्टेज पर यदि किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण दिखाई देते हैं तो उन्हें अस्पताल ले जाया जाएगा और बाकी यात्रियों को क्वारंटीन सेंटर जाना होगा. 14 दिनों के बाद कोरोना के लिए इस यात्रियों की फिर से जांच होगी.


सामने आए हैं. इलाज के बाद अब तक कुल 16,539 लोग ठीक हो चुके हैं और देश में कोरोना के कुल 37,916 सक्रिय मामले हैं. . देश के 42 जिलों में पिछले 28 दिनों में कोरोना संक्रमण का कोई मामला दर्ज नहीं किया गया. - 29 जिलों में पिछले 21 दिनों में कोरोना का कोई नया मामला सामने नहीं आया है. - 36 जिलों में पिछले 14 दिनों में संक्रमण का कोई नया मामला नहीं देखा गया है. - 46 जिलों में पिछले सात दिनों में कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है. . अब तक देश के 216 ज़िलों में कोविड-19 संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है. लव अग्रवाल ने बताया कि कोरोना की मौजदा रिकवरी रेट 29.36 फीसदी है.


स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन्स की स्थिति की समीक्षा की जा रही है और आने वाले एक-दो दिनों में इस लिस्ट के बदलाव के बारे में जानकारी दे दी जाएगी. एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया के उस बयान के बारे में पूछे जाने पर जिसमें जून में भारत में संक्रमण का 'पीक' आने की बात कही गई थी, लव अग्रवाल ने कहा कि अगर हम फ़िज़िकल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करें और हर तरह के एहतियात बरतें तो हो सकता है कि पीक को अवॉइड किया जा सके. लव अग्रवाल ने ये भी कहा कि हमें अभी वायरस के साथ ही जीना पड़ेगा और अपनी आदतें बदलनी होंगी.


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