शिवराज सरकार में कोरोना महामारी में प्रदेशवासियो के बिजली बिल माफ़ करने की बजाय भारी भरकम बिजली बिल भेज लूट खसोट का खेल चालू - कमलनाथ

 


शिवराज सरकार में कोरोना महामारी में प्रदेशवासियो के बिजली बिल माफ़ करने की बजाय भारी भरकम बिजली बिल भेज लूट खसोट का खेल चालू - कमलनाथ
भोपाल , 


पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि
हमारी सरकार ने इंदिरा गृह ज्योति योजना प्रारंभ कर इस योजना के माध्यम से प्रदेश के एक करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली उपलब्ध कराकर एक बड़ी राहत प्रदान करने का जनहितैषी निर्णय लिया था।


हमारी इस योजना से जिन लोगों के पूर्व में बिजली के बिल हज़ारों में आते थे , वो सेकडो में आ गये थे।हमारी इस जनहितैषी योजना की तारीफ़ देश के अन्य राज्यों ने भी की थी।प्रदेश की जनता भी इस योजना के बाद अपनी कम राशि के बिल बताकर हमारी इस योजना की बढ़-चढ़कर तारीफ़ करती थी। 


100 रुपये में 100 यूनिट बिजली और 150 यूनिट तक के उपभोक्ताओं को भी हमने इस योजना का लाभ दिया था।प्रदेश का हर वर्ग इस योजना का लाभ ले रहा था लेकिन हमारी सरकार जाते ही उपभोक्ताओं पर वापस भारी भरकम बिजली बिलों की मार शुरू हो गयी है।
हमें प्रदेश भर से जनता से भारी भरकम बिजली बिल वापस मिलने की प्रतिदिन शिकायतें प्राप्त हो रही है। जिन लोगों के बिल सेकडो
मे आते थे , वह अब वापस हज़ारों में आ रहे है। लूट-खसोट का खेल वापस चालू हो गया है।


कोरोना संक्रमण व लॉक डाउन को देखते हुए हमने सरकार से लोगों के तीन माह तक के बिजली बिल माफ़ करने की माँग की थी लेकिन संकट के इस दौर में बिल माफ़ करने की बजाय रिडींग नहीं हो पाने से पिछले वर्ष की खपत के आधार मनमाने तरीक़े से भारी भरकम बिल उपभोक्ताओं को भेज उन पर दोहरी मार की जा रही है।


हम सरकार से माँग करते है कि जनहित की हमारी इंदिरा गृह ज्योति योजना का लाभ प्रदेश की जनता को अनवरत मिलता रहे , जनता को भारी भरकम बिजली बिलों से मुक्ति दिलायी जावे और कोरोना महामारी को देखते हुए प्रदेश की जनता के तीन माह के बिजली बिल माफ़ किये जाये।
अन्यथा कांग्रेस इस मामले में चुप नहीं बैठेगी और लॉक डाउन के बाद इस माँग को लेकर सड़क पर लड़ाई लड़ेगी।