श्री गणेशाय नमः आज का नाम है मुकुंदा ) अर्थात मोक्ष प्रधानी या निस्तार प्रदान करने वाली .


माई के श्लोक में कहा है (तुम्मेका गतिर देवी निस्तार नौका नमस्ते जगत तारिणी त्राहि दुर्गे )



एक अन्य अर्थ है रक्षक या निवारणी, माई तो दुखों का निवारण करती हैं वह सद्गति प्रदान करती है स्वामी जी का एक ही आदेश था कि जो मंत्र मिला है उसे ही जपते रहो मार्ग मिल जाएगा यह अमृत शब्द हमारे पूज्य पिताजी को महाराज ने अपने मुख से ही कहे थे और वह एक ही मंत्र निरंतर करते रहे श्री स्वामी स्मृति ग्रंथ में यह ब्रह्म वाक्य लिखा है जय माई


Popular posts
बैतूल पाढर चौकी के ग्राम उमरवानी में जुआ रेड पर जबरदस्त कार्यवाही की गई
Image
ग्रामीण आजीविका मिशन मे भ्रष्टाचार की फिर खुली पोल, प्रशिक्षण के नाम पर हुआ घोटाला, एनसीएल सीएसआर मद से मिले 12 लाख डकारे
Image
ग्राम बादलपुर में धान खरीदी केंद्र खुलवाने के लिये बैतूल हरदा सांसद महोदय श्री दुर्गादास उईके जी से चर्चा करते हुए दैनिक रोजगार के पल के प्रधान संपादक दिनेश साहू
Image
रायसेन में डॉ राधाकृष्णन हायर सेकंडरी स्कूल के पास मछली और चिकन के दुकान से होती है गंदगी नगर पालिका प्रशासन को सूचना देने के बाद भी नहीं हुई कोई कार्यवाही
कान्हावाड़ी में बनेगी अनूठी नक्षत्र वाटिका, पूर्वजों की याद में लगायेंगे पौधे* *सांसद डीडी उइके एवं सामाजिक कार्यकर्ता मोहन नागर ने कान्हावाड़ी पहुँचकर किया स्थल निरीक्षण
Image