16 लाख 21 हजार के 22 करोड़ कैसे हो गए.....??

नायब तहसीलदार वंदना किराड़े की शिकायत पर पुलिस थाना बोरी में इस भूमि पूजन को 144 का उल्लंघन मान मामला दर्ज किया गया


अलीराजपुर जिले के ग्राम बोरी में RES (ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा विभाग) द्वारा 16 लाख 21 हजार रुपए की लागत से एक स्कूल भवन का निर्माण किया जाना है। 13 जुलाई को झाबुआ विधायक कांतिलाल भूरिया द्वारा यहां भूमि पूजन किया गयानायब तहसीलदार वंदना किराड़े की शिकायत पर पुलिस थाना बोरी में इस भूमि पूजन को 144 का उल्लंघन मान मामला दर्ज किया गया अमूमन सारे ही न्यूज़ चैनल लिंक न्यूज़ और अखबारों में प्रमुखता से यह खबर प्रसारित-प्रकाशित की गई। समाचार में उक्त प्राथमिक शाला स्कूल भवन की लागत 22 करोB बताई गई जबकि उसकी वास्तविक स्वीकृति 16लाख 21 हजार रुपए की है22 करोB का तो अलीराजपुर कलेक्ट्रेट भवन भी नहीं है फिर एक छोटे से ग्राम में प्राथमिक शाला भवन की लागत इतनी कैसे हो सकती है इस पर भी किसी का ध्यान नहीं गया...!! लिंक और न्यूज़ चैनल मे सबसे पहले/ breaking टीआरपी की प्रतिस्पर्धा के चलते इस तरह की गलती टीआरपी की प्रतिस्पर्धा के चलते इस तरह की गलती संभव है। लिंक से लिंक की कॉपी भी आम हो चली है लेकिन लंबे समय से देखने में आ रहा है कि एक लिखित दस्तावेज अखबार भी आजकल मेहनत नहीं करने की वजह से विश्वसनीयता खोते जा रहे हैं। Print media के प्रतिनिधि इंतजार करते रहते हैं किसी लिंक के जारी होने का। बाद में बिना अपना माथा खपाए थोड़ी सी तोB मरोड़ कर उसे बना लेते हैं अपनी खबर कॉपी पेस्ट/नकल के बढ़ते प्रचलन का ही यह एक नमूना है जो 16 लाख 21 हजार को 22 करोड़ तक ले गया.. अखबार के लिए जहां यह गलती मुंह छुपाने जैसी है वही सबसे पहले -सबसे आगे की होड़ में फिसलता आधार न्यूज़ चैनल और लिंक के लिए चिंतन का विषय


 


Popular posts
ग्रामीण आजीविका मिशन मे भ्रष्टाचार की फिर खुली पोल, प्रशिक्षण के नाम पर हुआ घोटाला, एनसीएल सीएसआर मद से मिले 12 लाख डकारे
Image
बैतूल पाढर चौकी के ग्राम उमरवानी में जुआ रेड पर जबरदस्त कार्यवाही की गई
Image
मोहम्मद शमी ने कहा, निजी और प्रोफेशनल मसलों की वजह से 'तीन बार आत्महत्या करने के बारे में सोचा'
Image
दैनिक रोजगार के पल परिवार की तरफ से समस्त भारतवासियों को दीपावली पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
Image
मामला लगभग 45 लाख की ऋण राशि का है प्राथमिक कृषि सेवा सहकारी समिति मर्यादित चोपना के लापरवाही का नतीजा भुगत रहे हैं गरीब किसान