निजी कंपनीया घाटे मे रेल चलायेगी? - कल्पना बर्मन

निजी कंपनीया घाटे मे रेल चलायेगी?रेल निजीकरण के पीछे उद्देश्य है की सरकार के बोझ को कम करना चाहती है तो जो निजी कंपनीया संचालन करेंगी वो घाटे मे चलायेंगे ?



कहते है की प्रतिस्पर्द्धा को बढ़ावा देना तो निजी कंपनी को संचालन करने देगी वो अपना मुनाफा निकाले बिना बोली लगायेगी ?सार्वजानिक वित्त में सुधार कीस आधार पर होगा ?जनता से ट्रेन की टिकट के दाम ज्यादा वसूली करने से या निजी संचालक को से बोली लगाने मे ज्यादा वसूली करके ?बात गुणवत्ता में सुधार करने की है तो जो गुणवत्ता सरकार नसुधार पाई उसे निजी संचालक कैसे सुधारेगे ?* *जनता से ज्यादा वसूली करके या कम बोली लगा कर ?* *जिन निजी संचालको को ट्रेनो और स्टेशन की बिक्री किये है वो कंपनीयों से देश के अन्य क्षेत्रो मे से ट्रेन चलेगी वो रेल की मरम्मत और आड्मिनिस्ट्रेशन ख़र्च कैसे वसूली किया जायेगा ?अब कहा छुपे है CAG वाले?


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