रामपाल सिंह एवं सुरेंद्र पटवा को मंत्री न बनाए जाने एवं सांची विधानसभा क्षेत्र में गुटबाजी से असंतुष्ट भाजपाई

समूचे मध्यप्रदेश सहित राजधानी के समीपस्थ जिला रायसेन में भाजपा के सीनियर विधायक रामपाल सिंह जो कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बहुत करीबी होने के बावजूद स्थान न मिल पाना चर्चा का विषय बना हुआ है।


 


मलखान सिंह रावत /रायसेन।


मध्यप्रदेश में चल रही राजनीतिक उठा-पटक एवं मंत्री मंडल में में सीनियर विधायकों की उपेक्षा आने वाले विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को भारी पड़ सकती है।समूचे मध्यप्रदेश सहित राजधानी के समीपस्थ जिला रायसेन में भाजपा के सीनियर विधायक रामपाल सिंह जो कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बहुत करीबी होने के बावजूद स्थान न मिल पाना चर्चा का विषय बना हुआ है।


वहीं पूर्व मुख्यमंत्री सर्व.सुंदर लाल पटवा के भतीजे सुरेंद्र पटवा को भी नजर अंदाज करना जिले की सांची विधानसभा चुनाव में आने वाले उपचुनाव में दिक्कतें पैदा कर सकती है वहीं सांची विधानसभा क्षेत्र में पार्टी दो धड़ों में बंटी हुई दिखाई दे रही है वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व कद्दावर नेता डॉ गौरीशंकर शेजवार के कट्टर समर्थकों एवं अन्य कार्यकर्ता दूसरे गुट में सक्रिय दिख रहे हैं ।दबी जुंबा में दोनों गुट एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश में लगे हुए हैं।अब देखना यह होगा कि क्षेत्र में बब्बर शेर के नाम से मशहूर डा गौरीशंकर शेजवार जी की चुप्पी करता गुल खिलाएगी।


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