दैनिक रोजगार के पल के प्रधान संपादक दिनेश साहू जी को दैनिक रोजगार के पल परिवार दिल की गहराइयों से जन्मदिवस की बधाई देता है

  प्रधान संपादक दिनेश साहू के जन्मदिन पर समाचार पत्र के प्रबंध सम्पादक श्रीमती सबनम खान की सीधी बात



सवाल - सर् आज आप का जन्मदिन है और आज का दिन देश की आजादी का दिन है तो आप अपने जन्मदिन को कुछ विशेष मानते हैं ?


जवाब - 15 अगस्त को मेरा ही नहीं बल्कि देश में कितने ही महिला एवं पुरूष है जिनका जन्मदिन है। हा मैं ये जरूर कहूँगा की जिन महिला एवं पुरूष का जन्म 15 अगस्त को 1947 से पहले हुआ है वे जरूर खुश किस्मत है क्योंकि इन मे से किसी को भी ये नहीं पता था कि हमारा देश15 अगस्त को आजाद होगा और इस तरह उनका जन्मदिवस अमर हो जायेगा और इनमें से तो कई लोगों ने तो देश की आजादी में भी अपना योगदान दिया होगा।


सवाल - फिर भी आप को कुछ तो खुशी होगी कि आज आप का जन्मदिन है ?


जवाब - हा खुशी है ना बहुत खुशी है मुझे इस बात की खुशी है की मेरे जन्मदिन के दिन सारा देश जश्न मनाता है और मेरे जन्मदिन का दिन हमारे देश का राष्ट्रीय पर्व है।


सवाल - आप 15अगस्त को पैदा हुए तो आप के मन में भी देश के लिए देश भक्ति तो होगी?


जवाब - ये मै कैसे कह सकता हूँ? मेरे मन में या मेरे कार्यकलापों से मेरे देशभक्ति का आकलन तो कोई दूसरा ही कर सकता है मैं खुद का आकलन कैसे कर सकता हूं?


सवाल - आप के मन में देशभक्ति तो होगी?


जवाब - हा मन मे है ना मैं ऐसा सोचता हूँ कि जिस तरह बॉर्डर पे हमारे देश के सैनिक दुश्मन देश के सैनिकों का सामना करते है और देश के लिए शहीद हो जाते हैं कुछ ऐसा ही मौका देश सेवा का मुझे भी मिलना चाहिए।


सवाल - अगर आप को सैनिक के रूप में देश सेवा करने का मौका नहीं मिलेगा तो आप किस रूप में देश सेवा करना चाहेंगे?


जवाब - सैनिक के रूप में देश सेवा करने का मौका अब तो मुझे नहीं मिल सकता क्योंकि अब मेरी उम्र नहीं रही हा जब मेरी उम्र थी तब मैंने नेवी में जाने की तैयारी किया था मेरे बड़े भाई साहब ने एक कोच की तरह तैयारी करवाया था और मेरे पिता भी मेरे इस फैसले से बहुत खुश थे परंतु मेरी माता जी हिम्मत हार गई थी। अब मुझे दैनिक के रूप में देश सेवा करने का मौका तो नहीं मिलेगा लेकिन मै अगर देश के लिए कुछ करने लायक बना देश को महात्मा गांधी जी के सपनों का भारत बनाने की कोशिश जरूर करूँगा।


सवाल - आज आप के जन्मदिन पर देश की जनता को कुछ सन्देश देना चाहेंगे?


जवाब - सन्देश तो वो देते हैं जो किसी बड़े ओहदे पर होते है जिनके एक आवाज पे आम जनमानस उनके पीछे पीछे चल देमैं तो खुद आम जनमानस हु । हा लेकिन मैं आज के यंग जनरेशन से एक निवेदन जरूर करूँगा की आज के परिवेश में हमारे देश की राजनीति ककी प्रथा बदल गई है जो कि भविष्य के लिए हमारे देश के लिए बहुत ही घातक साबित हो सकती है तो आज आवश्यकता इस बात की है कि की हमारे देश के वे यूआ आगे आये राजनीति में प्रवेश करें जो वाकई ये चाहते हैं कि हमारा देश हर मामले में अमेरिका से आगे हो और देश में सभी धर्मों के प्रति सम्मान और भाई चारा और सुदृढ़ हो इसी संकल्प के साथ आगे बढ़े तो निश्चित ही वो दिन आएगा और हमारा देश गांधी जी के सपनों का देश बन जायेगा।


हमारे साथ बात चीत में शामिल होने के लिए धन्यवाद -शबनम खान - प्रबन्ध सम्पादक


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