*₹18 के स्थान पर ₹10 मक्के का कम दाम मिलने से किसान का हाल बेहाल - दिनेश साहू(प्रदेश महामंत्री एवं प्रभारी जिला बैतुल- मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस )

_वाजिब समर्थन मूल्य पर सरकार द्वारा 100% खरीदी की गारंटी चाहिए_



बैतूल (वीरेन्द्र झा जिला प्रतिनिधि)



बैतूल जिले के एक किसान शासन और प्रशासन के भय से अपना नाम न बताते हुए अपनी दर्द बयां करते हुए कहा कि वर्ष प्रति वर्ष खेती की लागत बढ़ रही है साथ ही प्रकृति की मार एवं जमीन की कमजोर हो रही उर्वरा शक्ति एवं अन्य कारणों से फसलों का उत्पादन कम एवम् फसल उत्पादन की लागत काफी अधिक हो रही है परन्तु बाज़ार में उस तुलना में बहुत ही कम दाम मिल रही है , कई बार तो लागत मूल्य से कम दाम पर बेचने को मजबूर होना पड़ता है यही हाल इस बार मक्के की कीमत की है , इस बार शासन के द्वारा nsp समर्थन मूल्य घोषित ना करना एवं खरीदी नहीं करने से व्यापारी वर्ग के द्वारा गिरे हुए दर पर ( 8/- से 10/- प्रति किलो) किसानों से खरीदी करने से किसानों की लागत मूल्य भी नहीं निकल पा रही है । ज्ञात रहे कि विगत वर्ष शासन ने समर्थन मूल्य लगभग ₹18/- घोषित की थी परंतु इस बार शासन द्वारा समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया गया इस कारण व्यापारी वर्ग इसका फायदा उठाकर किसानों से मक्का कम दाम पर खरीद रहे हैं जिससे कि किसान को ₹8 से ₹10 किलो का सीधा नुकसान हो रहा है । कोरोना महामारी के कारण बढ़ती महंगाई की मार और फसल की वाजिब दाम नहीं मिलने के कारण किसानों की हाल बेहाल है । किसान भाई का कहना है कि हमें नहीं चाहिए कर्जा माफी, नहीं चाहिए कोई भी अनुदान, नहीं चाहिए कोई मयाव्यी सुविधा. ..... हम किसान भाइयों को केवल उनके फसल का वाजिब दाम पर सरकार द्वारा 100% खरीदी की गारंटी चाहिए ।


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