डॉक्टर के उस सवाल से केन्यन जूलियन पीटर को पता चला कि वो बिना गर्भाशय (वॉम्ब), गर्भाशय ग्रीवा(सर्विक्स) और वजाइना(योनि) के पैदा हुई हैं.

डॉक्टर ने तो उनसे पीरियड्स से जुड़ा एक सामान्य सा सवाल पूछा था. डॉक्टर के उस सवाल से केन्यन जूलियन पीटर को पता चला कि वो बिना गर्भाशय (वॉम्ब), गर्भाशय ग्रीवा(सर्विक्स) और वजाइना(योनि) के पैदा हुई हैं. केन्यन जूलियन पीटर फिलहाल 29 साल की है. कुछ सालों पहले उन्हें इस बारे में पता चला था और उन्होंने इस बारे में बीबीसी संवाददाता ऐन नगूगी से बात की. मेरा जन्म एमआरकेएच नाम की एक कंडिशन के साथ हुआ, ये एक ऐसी कंडिशन है जिसमें महिला के शरीर में गर्माशय और वजाइना नहीं होता है. सिर्फ इतना ही नहीं. इस कंडिशन में शरीर में सिर्फ एक ही किडनी भी होती है. एक औरत जिसे एमआरकेएच हो, उसे कभी भी पीरियड्स नहीं हो सकते. मेरे शरीर में गर्भाशय नहीं है तो मुझे कभी भी पीरियड्स भी नहीं हो सकते. लेकिन अगर आपको लगता है कि ये सामान्य नहीं है तो मैं कहना चाहती हूं कि यह बेहद सामान्य है और मैं इस बारे में बिल्कुल भी बुरा महसूस नहीं करती हूं.


'उन्हें जो भी लगता है वो कह सकते हैंकुछ लोगों ने मुझे कहा कि मुझे अपनी इस स्थिति के लिए कहीं जाकर प्रार्थना करनी चाहिए. किसी और ने कहा कि क्योंकि मैं उकंबनी (एक ऐसा प्रांत जो रूढ़ीवादी तरीके से जादू-टोने से जुड़ा हुआ है) से आती हूं, तो इसका मेरी दादी से ही कुछ लेना-देना रहा होगा. जिसे जो लगता है, वो कह सकता है लेकिन असल में तो मायने यही रखता है कि मैं किस बात को किस तरह से लेती हूं. अगर मैं उन लोगों को सुनने लगू तो उन सारी बातों का असर मेर ऊपर होगा. मैं उसके बारे में सोचने लगूंगी और महसूस करने लगूंगी कि जो कुछ वो कह रहे हैं सबकुछ सच है.


'मैं ऑपरेशन नहीं कराना चाहती थी' उसके बाद मेरा एक और स्कैन किया गया जिसमें साफ़ दिखा कि मेरे शरीर में गर्भाशय या वजाइना है ही नहीं और उसी वक़्त पता चला कि मुझे एमआरकेएच कंडिशन है. जब ये पता चला कि मुझे इस तरह की कंडिशन है तो पहले दिन तो मैं बहुत रोई लेकिन दूसरेतीसरे दिन मैं इससे उबर गई. मैं उस वक़्त सिर्फ 17 साल की थी. यह काफी छोटी उम्र होती है. उस वक़्त मैं सिर्फ अपने स्कूल लौट जाना चाहती थी. मैं अस्पताल में थी और मेरी मां मेरे साथ थी. जब उन्हें इस बारे में पता चला तो पूरी तरह सकते में आ गईं. बतौर सिंगल पैरेट वो खुद से ही सवाल करने लगी. वो इसमें अपनी गलती तलाशने लगी थीं.


आईवीएफ़ के लिए लेकिन कुछ लोगों के लिए यह भावनात्मक तौर पर तोड़ने वाला हो सकता है और बहुत से लोग शायद ऐसे भी हैं जिन्हें इस स्थिति को स्वीकार करने के लिए साइकोलॉजिस्ट की मदद लेनी पड़े. जब आपको यह पता चलता है कि आप इस तरह की किसी स्थिति से जूझ रहे हैं तो आपको ये भूलना पड़ता है कि आप कभी मां भी बन सकती हैं.


अपने पार्टर को इसके बारे में बताना मैं कई लोगों के साथ रिलेशनशिप में रह चुकी हूं. लेकिन मैं इस रिश्ते में बहुत आगे बढ़ाने से पहले उन्हें अपनी स्थिति के बारे में स्पष्ट स्पष्ट कर देना चाहती थी. अगर वे इसे स्वीकार करना चाहते हैं तो वे इसे स्वीकार करेंगे. लेकिन आप तो जानते ही हैं कि इंसान तो इंसान ही होते हैं. मुझे बहुत से लोग ऐसे मिले जिन्हें जैसे ही इस बारे में पता चला वो चले गए. बहुत से लोगों ने मुझसे कहा कि मैं झूठ बोल रही हूं और बहुत से लोगों को तो ऐसा भी लगा कि मैं उनसे पीछा छुड़ाने के लिए ऐसा कर रही हूं. फिलहाल अभी मैं किसी के भी साथ रिलेशनशिप में नहीं हूं लेकिन मैं ये मानती हूं कि जो भी हो रहा है वो ईश्वर कर रहे माता-पिता के लिए सुझाव अपनी कहानी सबके सामने शेयर करने के लिए मुझे हिम्मत जुटानी पड़ी और इसमें मुझे दस साल लग गए. बहुत से लोग हैं जो यह समझते ही नहीं हैं कि एमआरकेएच क्या है और मैं इस बारे में लोगों को जागरूक करना चाहती हूं. सबसे पहले, मैं इस कंडिशन से जूझ रहे बच्चों के माता-पिता से यह कहना चाहती हूं कि जब तक आपके बच्चे बड़े ना हो जाएं, उनका ऑपरेशन कराने के बारे में ना सोचें. ऑपरेशन कराएं लेकिन तब जब वो बड़े हो जाएं, उनमें खुद इसके लिए समझ पैदा हो जाए क्योंकि यह पूरी प्रक्रिया बहुत लंबी और जटिल है. मेरे साथ कुछ ऐसे लोग हैं जो मेरी मदद के लिए हैं लेकिन मैंने ऐसे बहुत से लोगों से बात की जिन्हें इस तरह की समस्या है. बहुत सी ऐसी महिलाएं हैं जो शादीशुदा है और उनके सास-ससुर ये मांग कर रहे हैं कि उन्हें बच्चे चाहिए. एक महिला को तो उसके सासससुर ने यह तक कह दिया कि वो महिला नहीं पुरुष है. हमने उसकी बात ध्यान से सुनी और उसे उत्साहित किया. यह एक मुश्किल सफर है और ऐसे में सबसे ज़रूरी है कि हम एक-दूसरे की मदद करें.


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