आज मग़रिब के बाद शुरू होगा इस्लाम का मुकद्दस और पाक महीना रमज़ान,कल होगा पहला रोज़ा,घरों में होंगी तरावीह।*

*आज मग़रिब के बाद शुरू होगा इस्लाम का मुकद्दस और पाक महीना रमज़ान,कल होगा पहला रोज़ा,घरों में होंगी तरावीह।*

*शेख़ नसीम 


*भोपाल@* इस्लाम का मुकद्दस और पाक महीना रमज़ान का आगाज़ आज सूरज ढलने के बाद मग़रिब के वक्त से शुरू हो जाएगा  कल रमज़ान का चाँद नज़र नही आया था आज से रमज़ान की विशेष नमाज़ तरावीह कोरोना जैसी महामारी की वजह से घरों में पड़ी जाएगी मस्ज़िदों में नमाज़ लॉक डाउन की वजह से पहले से बंद हैं कल पहला रोज़ा होगा। इस बार रमज़ान में खजूर,फैनी, जैसी चीज़े नही होंगी।


इस्लाम मे रमज़ान के महीने को बहुत ही पवित्र माना जाता हैं। पैगम्बर हज़रत मोहम्मद साहब की रिवायतों से मालूम होता हैं जिसमे आपने अपने अनुयाइयों से कहाकि तुम्हारे ऊपर एक महीना आने वाला हैं जो बड़ी बरकतों का हैं इस महीने में सरकश शयातीन को कैद कर दिया जाता हैं अल्लाह ने इस महीने के रोज़े को तुम पर फ़र्ज़ किया हैं और क़याम यानी तरावीह को सबाब की चीज़ बताया हैं इस महीने में मोमिन का रिज़्क़ बड़ा दिया जाता हैं जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं जहन्नम के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं ये महीना लोगो के साथ गमख्वारी करने का हैं और सब्र करने का हैं और सब्र का बदला जन्नत हैं जो इस महीने अल्लाह पर यकीन करते हुए सबाब की नीयत के साथ इखलास से इबादत करता हैं उसके पिछले सारे गुनाह माफ कर दिए जाते हैं।


लेकिन इस बार रमज़ान आने की  वो खुशी जो बच्चों,बुजुर्गों,औरतों और जवानों को हुआ करती थी वो नज़र नही आएगी कोरोना की वजह से सारी खुशी गायब हैं मुस्लिम रोज़ा रखेंगे नमाज़ घरों में पड़ रहे थे अभी भी घरों में पड़ेंगे तरावीह का एहतमाम घरों में ही किया जाएगा। सेहरी और अफ्तार के लिए जो गोले चलते थे वो भी नही चलेंगे मग़रिब की अज़ान सुनकर रोज़ा खोलना पड़ेगा और जंतरी में सुबह सादिक का वक्त देखते हुए 10 मिनट पहले सेहरी खत्म करना पड़ेगी। बहरहाल अल्लाह से दुआ हैं की अल्लाह पूरी उम्मते मुस्लिमा की हिफाज़त फरमाए और कोरोना जैसी बीमारी को पूरे आलम से खत्म फरमाए और आपस मे इत्तेफाक और मोहब्बत कायम फरमाकर नफ़रतों को खत्म फरमाए।