इक छोटा-सा दीपक". - श्रीमती श्रद्धा गुप्ता

💐आज की अनुभूति..💐
🔥"इक छोटा-सा दीपक"..🔥


घनघोर तिमिर हर लेता है 
"इक छोटा-सा दीपक"।
हमको नव-जीवन देता है, 
"इक छोटा-सा दीपक"।।


जब गहन निराशा हो मन मे,
तम छाया हो जब जीवन मे।
इक ज्योति जगाता है उर में,
"इक छोटा-सा दीपक"।।


इक आस किरण की छोटी-सी,
सब कुण्ठाएं हर लेती है
इक अलख जगाता है मन में,
"इक छोटा-सा दीपक"।।


कभी ध्यान लगाकर देखो,
इसके समक्ष जब बैठो।
गहराई में ले जाता है,
"इक छोटा-सा दीपक"।।


कभी गहरे में ले जाएगा,
कभी दूर क्षितिज पहुँचायेगा।
खुद से तुमको मिलवाएगा,
"इक छोटा-सा दीपक"।।


इसको न समझना छोटा-सा,
ये रोशन करता भव-सागर।
जीवन-दर्शन समझायेगा,
"इक छोटा-सा दीपक"।।


जब इसमें गुम हो जाती हूँ,
प्रज्ञा-लौ में खो जाती हूँ।
मुझको "सिद्धि" दे जाता है,
"इक छोटा-सा दीपक"।।
            श्रद्धा "सिद्घि"
            (स्वरचित)
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