कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा कृषकों हेतु समसामयिक सलाह

उमरिया । कृषि विज्ञान केंद्र टीकमगढ़ के वैज्ञानिकों द्वारा फसलों के अधिक उत्पादन एवं फसल सुरक्षा हेतु कृषकों को लॉकडाउन (कोविड-19) अवधि के दौरान समसामयिक सलाह निम्नानुसार है। काम्बाईन हारवेस्टर से कटाई करने के उपरांत स्ट्रा-रीपर द्वारा भूसा बनायें। गेंहूँ की बालियाँ सूख जाने पर फसल की कटाई करें स मजदूरों द्वारा कटाई करते समय हाँथों में दस्ताने पहने व चेहरे पर मास्क लगायें तथा दो मीटर की दूरी बनायें रखें। यदि भूसा नहीं बनाना हो तो कटाई उपरांत खेत में बायो-वेस्ट डिकम्पोजर/ बायोडायजेस्टर का छिडकाव कर जुताई करें स दस से बारह दिन उपरांत पुनः छिडकाव करें। कटे हुए फसल अवशेष (नरवाई) में आग बिलकुल न लगायें, आग के कारण समस्त लाभकारी सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं साथ ही मृदा की उर्व शक्ति कम हो जाती है। . ग्रीष्म कालीन मौसम में यदि बीज उत्पादन कार्यक्रम लिया गया है तो अवांछित पौधों एवं रोगग्रस्त पौधों को उखाड़कर अल करें तत्पश्चात कटाई करें ताकि बीज की आनुवांशिक शुद्धता बनी रहे। रबी मौसम में लगाये गये फसलों की कटाई करते समय स्वयं अथवा मजदूरों : सामाजिक दूरी 1.5 से 2.0 मीटर तक बनायें रखें। यदि ग्रीष्म कालीन फसल उड़द, मूंग में खरपतवार नियंत्रण हेतु इमेजाथापर 35% इमेजामोक्स 3: नामक नींदानाशी का 30 ग्राम/एकड़ की दर से 200 लीटर पानी में घोलकर 18-20 दिन की अवस्था पर छिडकाव करें। सिंचाई के साधन उपलब्ध ह पर जिन किसान भाइयों ने उड़द, मूंग एवं सब्जी की फसल ली है स यदि फसल में माहो, श्रीप्स एवं सफेद मक्खी का प्रकोप दिखाई देता है तो इमिडाक्लोप्रिड 0.5 मि.ली. प्रति लीटर पानी की दर से छिडकाव करें। गर्मी की उड़द एवं मूंग में पत्ती खाने वाली इल्ली के नियंत्रण हेतु जैविक दवा विवेरिया बैसियाना 400 मि.ली. प्रति एकड़ या रसायनिक दवा क्विनालफॉस 25 ई.सी. 400 मि.ली. या प्रोफेक्स8 सुपर 300 मि.ली. प्रति एकड़ 200 ली. पानी में घोल बनाकर शाम के समय छिडकाव करें।