फ्रांस  का एक पूरा परिवार एक वैनिटी वैन में बैठकर फ्रांस से बाई रोड बाघा बॉर्डर होते हुए भारत आया था - कामिनी परिहार

फ्रांस  का एक पूरा परिवार एक वैनिटी वैन में बैठकर फ्रांस से बाई रोड बाघा बॉर्डर होते हुए भारत आया था


 फिर इस परिवार को नेपाल से होते हुए चीन और फिर चीन के बाद इंडोनेशिया इत्यादि देशों का सफर करते हुए वापस फ्रांस जाना था


 जैसे ही यह लोग गोरखपुर से सुनौली के तरफ गए तब सुनौली से 60 किलोमीटर पहले ही लॉक डाउन की घोषणा हो गई और बॉर्डर को बंद कर दिया गया


 यह परिवार वही महराजगंज के लक्ष्मीपुर ब्लॉक के कोल्हुआ गांव में एक मंदिर में रुक गए.


और यह परिवार 1 महीने से उसी गांव के मंदिर में रुका हुआ है जिला प्रशासन से लेकर फ्रांस दूतावास तक ने इन्हें आलीशान होटल में ठहराने का पेशकश किया लेकिन यह लोग गांव में अब इतना खुश है कि यह लोग उस गांव को और उस मंदिर को छोड़ना नहीं चाहते 


गांव वाले भी अतिथि देवो भव की सनातन परंपरा का पालन करते हुए इनका बहुत अच्छे से देखभाल करते हैं मंदिर के पुजारी हर रोज इस परिवार के लिए खाना बनाते हैं और यह परिवार भी गांव में रहकर भारत के खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण परंपरा का खूब अनुभव कर रहा है


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