देश में जिले का नाम किया रोशन – बैतूल जिले के दो चिकित्सकों ने निभाया अपना फर्ज सेवाएं देकर इंदौर से वापस आये


बैतूल। जिले के दो चिकित्सक शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जगदीश घोरे एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभातपट्टन के डॉ. जितेन्द्र अत्रे दवारा कोरोना संक्रमण काल में इंदौर के दो अलग-अलग कोविड केयर सेंटर में 21 अप्रैल 2020 से अपनी सेवाएं दी गई एवं 21 मई 2020 को चिकित्सक द्वय बैतूल वापस आ गये। दोनों चिकित्सक पिछले एक माह से सतत् अपनी सेवाएं कोविड के मरीजों को दे रहे थे। चिकित्सकद्वय ने बताया कि इंदौर में वे 8 से 10 घंटे ड्यूटी करते थे तथा आकस्मिकता की स्थिति के लिये सदैव तैयार रहना होता था। वरिष्ठ कार्यालय के आदेश के पश्चात् दोनों चिकित्सक इंदौर में अपनी सेवाएं शासन के द्वारा तय की गई अवधि के दौरान प्रदान करते रहे। बैतूल आने के पश्चात् दोनों चिकित्सकों का कोरोना टेस्ट भी कराया गया तथा रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही वे अपने-अपने घरों को जा सके। तब तक उन्हें स्वारेंटाइन करके रखा गया था। चिकित्सकों ने चर्चा में बताया कि कोरोना से मुकाबले के लिये साहस के साथ सामाजिक दूरी अपनाना बेहद जरूरी है। साबुन से हाथ धोने की आदत एवं खान-पान संबंधी सावधानियां बरतकर कोरोना से बचा जा सकता है।


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