कैलाश_मंदिर 🚩🚩🇮🇳 इस प्रतिमा के मुख में एक पत्थर की गेंद है जिसे आप छू सकते हैं, हिला सकते हैं, लेकिन किसी भी तरह से मुख से बाहर नहीं निकाल सकते।

(सुनील साहू-उज्जैन)कैलाश_मंदिर 🚩🚩🇮🇳 इस प्रतिमा के मुख में एक पत्थर की गेंद है जिसे आप छू सकते हैं, हिला सकते हैं, लेकिन किसी भी तरह से मुख से बाहर नहीं निकाल सकते। मूर्ति एक ही पत्थर से बनी है, जरा सोचिए गेंद मुख में कैसे स्थापित की गई होगी ? और हाँ सामने जो लटकी हुई कड़ी दिख रही है, वो भी एक ही पत्थर को काटकर बनाई गयी है। आप इस तकनीकी की कल्पना भी कर सकते हैं क्या ?? है नाअचंभित करने वाली बात है । एक निवेदन - ऐसे वास्तुकला से संपन्न कलाओ को अब हमें और आपको मिल कर भारत के सभी व्यक्तियों तक पहुँचाना है। 🚩🚩🇮🇳


Popular posts
ग्रामीण आजीविका मिशन मे भ्रष्टाचार की फिर खुली पोल, प्रशिक्षण के नाम पर हुआ घोटाला, एनसीएल सीएसआर मद से मिले 12 लाख डकारे
Image
आंसू" जता देते है, "दर्द" कैसा है?* *"बेरूखी" बता देती है, "हमदर्द" कैसा है?*
कान्हावाड़ी में बनेगी अनूठी नक्षत्र वाटिका, पूर्वजों की याद में लगायेंगे पौधे* *सांसद डीडी उइके एवं सामाजिक कार्यकर्ता मोहन नागर ने कान्हावाड़ी पहुँचकर किया स्थल निरीक्षण
Image
कुदरत का कहर भी जरूरी था साहब, वरना हर कोई खुद को खुदा समझ रहा था*  - दिनेश साहू
Image
अगर आप दुख पर ध्यान देंगे तो हमेशा दुखी रहेंगे और सुख पर ध्यान देंगे तो हमेशा सुखी रहेंगे
Image