शिवराज जी,आपदा में अवसर खोज,प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आप बेटियों से शराब बिकवाते हैं,अब आबकारी कर्मचारी,नगर सैनिक,आउटसोर्स एजेंसी कर्मचारियों के बाद अब क्या मंदिरों के पुजारी?आप कहते है "पापियों का विनाश पुण्य का काम है!पापी कौन?"अधर्म की जय हो,धर्म का नाश हो," वाह! - के के मिश्रा

शिवराज जी,आपदा में अवसर खोज,प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए आप बेटियों से शराब बिकवाते हैं,अब आबकारी कर्मचारी,नगर सैनिक,आउटसोर्स एजेंसी कर्मचारियों के बाद अब क्या मंदिरों के पुजारी?आप कहते है "पापियों का विनाश पुण्य का काम है!पापी कौन?"अधर्म की जय हो,धर्म का नाश हो," वाह! https://t.co/GDIqluLo1Q