मध्यप्रदेश बनेगा फिल्म जगत और कलाकारों का डेस्टिनेशन

भा-ल : राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश फिल्म र्यटन नीति- 2020 क_ लागू कर प्रदेश क आर्थिक रू- से सम्-न्न बनाने की क्रान्तिकारी शुरूआत की है। अब वह दिन दूर नहीं, जब फिल्म जगत क_ हर विषय की फिल्म बनाने के लिए केवल मध्यप्रदेश ही सर्वश्रेष्ठ वेन्यू दिखाई देगा। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने फिल्म जगत के लिये मध्यप्रदेश के दरवाजे ख-लकर फिल्में के माध्यम से प्रदेश के आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। -र्यटन नीति 2020 लागू कर मध्यप्रदेश क- फिल्म निर्माताओं की -हली -संद बनाया जा रहा हैनीति में फिल्मों के लिए प्रदेश क- सेंट्रल हब बनाने का भी निर्णय लिया गया है। फिल्म निर्माण के लिये बुनियादी ढाँचा तैयार कर फिल्म निर्माताओं और फिल्मों से जुड़े उद्य-गों क- निवेश के लिये प्रत्साहित किया जायेगाप्रदेश के -र्यटन स्थलों क_ फिल्मों के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय -हचान मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा फिल्म शूटिंग की अनुमति की प्रक्रिया क_ आसान बना दिया गया है, जिससे प्रदेश में अधिक से अधिक फिल्मांकन क– प्रत्साहन मिलेगा। सलाहकार/साधिकार समिति का गठन सलाहकार/साधिकार समिति का गठन फिल्म र्यटन नीति के क्रियान्वयन के लिए स्-ष्टीकरण/ व्याख्या विवाद निराकरण के लिये राज्य-स्तरीय समिति प्राधिकृत की गई है। इसमें फिल्म र्यटन नीति 2020 मूलरू- से -र्यटन नीति 2016 संश-धित 2019 क_ ही हिस्सा है। इसमें क्रियान्व्यन और निगरानी के कार्य क_ प्राथमिकता दी गई है। फिल्म सुविधा सेल मध्यप्रदेश में एक समर्मित फिल्म सुविधा सेल का गठन किया गया है। प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बर्ड की अध्यक्षता में यह सेल फिल्म -र्यटन विकास के लिये न डल एजेंसी के रू- में कार्य करेगा। यह सेल स्टेक हल्डर्स के साथ फिल्म -र्यटन नीति के क्रियान्वयन, प्रक्रिया निर्धारण, आवेदनों के निराकरण संबंधी समन्वय करेगा तथा फिल्म उद्य ग की अद्यतन प्रवृत्तियों के अनुसार नीति संबंधी सुझाव एवं नियामक सुधार के लिए समय-समय र प्रस्ताव तैयार करेगासिंगल विंड क्लीयरेंस मध्य प्रदेश में फिल्मों/धारावाहिकों/वेब सीरिज की शूटिंग करने के इच्छुक फिल्म निर्माताओं के लिए वन-प्वाइंट एंट्रेस सिस्टम और समयबद्ध अनुमति तंत्र के लिए ऑनलाईन फिल्म वेब - र्टल तैयार किया जा रहा है। यह कार्टल फिल्म -र्यटन नीति के लिये सूचना-प्रसार के एक मंच के रू- में कार्य करेगा। इसमें फिल्म फेसीलिटेशन सेल द्वारा ऑल लाईन तरीके से वेब -र्टल तैयार न ह ने तक ऑफ लाईन आवेदन लिये जायेंगे। अन्य सुविधाओं और सेवाओं से संबंधित जानकारी भी इस सर्टल -र मिलेगी।। प्रत्येक जिले में एस.डी.एम.स्तर के अधिकारी क- फिल्म -र्यटन नीति के क्रियान्वयन के लिये न डल अधिकारी प्राधिकृत किया जायेगा। न डल अधिकारी जिला स्तर -र सहय ग और समन्वय भी करेंगेप्रचार-प्रसार एवं प्रात्साहन सहायता फिल्म -र्यटन क_ बढ़ावा देने के लिये राज्य सरकार मनरंजन उद्य ग का विकास कर रही हैइसके अंतर्गत थीम -पर्क और सेल्फी प्वाइंट बनाये जा रहे हैं। प्रदेश में राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय फिल्म समार-ह, गष्ठी और सेमीनार आय जित किये जायेंगे। देश के प्रमुख फिल्म निर्माताओं के फेम टूअर्स आय जित किये जायेंगे। प्रदेश के फिल्म शूटिंग स्थलों -र फिल्मांकित की गई फिल्मों और र्यटन स्थल क_ -र्यटन उत्ाद के रू- में विकसित कर प्रचार-प्रसार किया जायेगा। वित्तीय प्रत्साहन राज्य सरकार ने फिल्म -र्यटन नीति के अंतर्गत किसी भी भाषा में फिल्म निर्माण के लिये प्रदेश में फिल्मों के अधिक से अधिक फिल्मांकन र अनुदान के ात्रता मा-दंड निर्धारित किये हैं। “हली फिल्म की शूटिंग के लिये अनुदान एक कर ड़ रू-ये तक अथवा फिल्म की कुल लागत का 25 प्रतिशत, ज– भी कम ह, देय ह-गा। इसके लिये फिल्म के संपूर्ण शूटिंग दिवसों के वित्तीय प्रत्साहन राज्य सरकार ने फिल्म -र्यटन नीति के अंतर्गत किसी भी भाषा में फिल्म निर्माण के लिये प्रदेश में फिल्मों के अधिक से अधिक फिल्मांकन र अनुदान के ात्रता मा-दंड निर्धारित किये हैं। “हली फिल्म की शूटिंग के लिये अनुदान एक कर ड़ रू-ये तक अथवा फिल्म की कुल लागत का 25 प्रतिशत, ज– भी कम ह, देय ह-गा। इसके लिये फिल्म के संपूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 50 प्रतिशत शूटिंग दिवस मध्यप्रदेश में ह ना जरूरी है। इसी तरह, दूसरी फिल्म के लिये 1 करड़ 25 लाख रू-ये तक या फिल्म की कुल लागत का 25 प्रतिशत, ज_ भी कम ह, देय हगा। इसके लिये फिल्म के संपूर्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 50 प्रतिशत शूटिंग दिवस मध्यप्रदेश में ह ना जरूरी हगाइसके अलावा, तीसरी और आगे की फिल्मों के लिये 1 करड़ 50 लाख रू-ये तक या फिल्मों की लागत का 75 प्रतिशत, ज_ भी कम ह, देय हगा। इसके लिये फिल्म के सं-र्ण शूटिंग दिवसों के न्यूनतम 50 प्रतिशत शूटिंग दिवस मध्यप्रदेश में ह ना जरूरी हगा। फिल्म -र्यटन नीति में प्रदेश में 75 प्रतिशत से अधिक शूटिंग दिवस वाली फीचर फिल्म के फिल्मांकन में मध्यप्रदेश क_ प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाता है, ऐसी फिल्म क_ प्रत्साहित करने वाली प्रत्येक श्रेणी (प्रथम/द्वितीय/तृतीय एवं आगामी फिल्म) में 50 लाख रू-ये का अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। इसका निर्णय फिल्म फेसेलिटेशन सेल द्वारा लिया जायेगा। प्रदेश -र आधारित कहानी/स्क्रिप्ट र फिल्मांकन एवं फिल्म की -रिय-जना की लागत का 50 प्रतिशत या 5 करड़ रू-ये, ज भी कम ह, -र विशेष अनुदान दिया जायेगा। अनुदान का निर्णय फिल्म फेसेलिटेशन सेल द्वारा लिया जायेगा। यदि फिल्म निर्माण में मध्यप्रदेश के स्थानीय कलाकारों क_ काम के अवसर दे रहे है, त- तीन स्तर -र अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। कहानी के अनुसार प्रमुखता से प्रदर्शित ह ने वाले कैरेक्टर -र अधिकतम 25 लाख रू-ये दिये जायेंगे। इसी तरह, 5 द्वितीय स्तर -र कहानी के अनुसार प्रमुखता से प्रदर्शित हने वाले कैरेक्टर के अतिरिक्त अन्य प्रमुख कैरेक्टर के कलाकारों के लिए अधिकतम 10 लाख रू-ये अथवा दनों श्रेणियों के लिये कलाकारों के वास्तविक भुगतान की 50 प्रतिशत राशि, ज भी कम ह, दी जायेगी। फिल्म सिटी प्रदेश सरकार राज्य में फिल्म सिटी स्थानित करने का भी प्रयास करेगी, ताकि एक ही स्थान -र फिल्म निर्माताओं के लिये पूर्ण बुनियादी ढाँचा उ-लब्ध ह_ सके। निजी क्षेत्र की सहायता से फिल्म सिटी/शहरों/फिल्म लैब की स्था-ना की संभावनाओं का आंकलन करने के लिये राज्य के -र्यटन विभाग द्वारा एक विशेषज्ञ एजेंसी के माध्यम से व्यवहार्यता अध्ययन कराया जाएगा तथा क्रियान्वयन के लिये एक विस्तृत -रिय-जना रि-र्ट तैयार की जाएगीराज्य सरकार प्रदेश में फिल्म सिटी की स्था-ना के लिये -र्यटन नीति 2016 (संशधित 2019) के अनुसार भूमि भी प्रदान करेगी और सक्रिय बुनियादी ढाँचे के निर्माण में सक्रिय रू- से सहय ग भी देगी। इस तरह अब मध्यप्रदेश फिल्म जगत और कलाकारों का गंतव्य बनेगा। इसमें उन्हें हर सुविधा मिलेगी। साथ ही, आर्थिक मदद भी।


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