सौंसर तहसील की उत्तरवाहिनी सोबना नदी के तट पर स्थित ग्राम उटेकाटा से षिवपींड देवस्थान से कन्हान नदी परिक्रमा रथ यात्रा का षुभारंभ 11 मार्च 2020 दिन बुधवार को होंगा। 

रथ यात्रा स्वच्छता की, परिक्रमा कन्हान नदी की 


श्री एकनाथ षष्ठी कन्हान नदी महोत्सव 2020 के अवसर पर श्रीसंत ब्रम्हलीन हिरामन महाराज व उनके बंधु ब्रम्हलीन वाताजी महाराज के पालखी उत्सव के रजत जयंती के उपलक्ष्य में सौंसर तहसील की उत्तरवाहिनी सोबना नदी के तट पर स्थित ग्राम उटेकाटा से षिवपींड देवस्थान से कन्हान नदी परिक्रमा रथ यात्रा का षुभारंभ 11 मार्च 2020 दिन बुधवार को होंगा। 


यह रथ यात्रा माता कन्हान नदी के वैभव को जन-जन तक पहुंचाने एवं इनके किनारे बसने वालो ग्रामों के ग्रामीणजनों से मिलकर मां कन्हान नदी की अस्था रखने, इसे स्वच्छ रखने, प्रदुषणमुक्त करने एवं नदी किनारे के क्षेत्र में पौधा रोपन कर उन्हें पेड़ बनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देष से एवं पैठनतुल्य श्री तीर्थ श्रेत्र संत लीलामृत घाट परिसर में स्थित वारकारी संप्रदाय के संतो के मंदिर एवं अन्य  पर्यटक स्थल से होकर यह यात्रा 25 ग्रामों का भ्रमण करते हुए 14 मार्च 2020 को रामाकोना पहुंचेगी। यहां कन्हान नदी में श्री एकनाथ षष्ठी एवं कन्हान नदी महोत्सव तथा संत मीलन समारोह में रथयात्रा का समापन होंगा। इस अवसर पर नदी में परंपरानुसार गोपालकाला कीर्तन होकर माधुकरी ( सिदोरी ) से इकट्ठा किया गया महाप्रसाद वितरित होंगा। 


उक्त रथयात्रा का आयोजन अखंड हरिनाम सप्ताह समिति उटेकाटा द्वारा कन्हान नदी स्वच्छ अभियान को संचालित करने वाली कन्हान चैपाल के सहयोग से किया गया है। जिस में क्षेत्र के भजन मंडल, विविध धार्मिक व सामाजिक संगठनों का सहयोग होंगा।


इनकी प्ररेणा: हरिभक्त परायण वैकुंठवासी बाजीरावजी भानगे, हरिभक्त परायण वैकुंठवासी डोमाजी गुर्वे, हरिभक्त परायण वैकुंठवासी नामदेवजी गुर्वे, ग्राम उटेकाटा मप्र. एवं हरिभक्त परायण वैकुंठवासी कनीराम महाराज वाघळीकर चाळीस गांव महाराष्ट्र की प्रेरणा से यह यात्रा हो रही है। 


निवेदन - साथियों नदी हमारी संस्कृति में इस लिए पूज्य है कि उस ने हमे पीने का पानी उपलब्ध कराया है। अकसर गांवों की स्थापना इसी लिए नदी किनारे हुई है। नदी हमारी जीवन दायीनी भी है। इस लिए हम नदियों की पूजा करते है। लेकिन वर्तमान में पूजा का संदर्भ ही बदल चुंका है। एक और हम नदी पर आस्था रख कर पूजा अर्चना करते है तो दूसरी और घर या गांवों से निकली गंदगी नदी में ले जाकर ड़ालते है। अकसर पूजा सामग्री भी हम नदी में समाहित करते है। ऐसा करने से नदी प्रदूषित हो रही है। इसे बचाने का दायित्व भी हमारा ही है, काई समाज या सरकार का नहीं। यह जिम्मेदारी हम सबकी होनी चाहिए और इसकी षुरूआत स्वयं से करे। तो ही इस अभियान को सफलता मिलेगी। 


निवेदक - अखंड हरिनाम सप्ताह समिति,उटेकाटा
श्री एकनाथ षष्ठी कन्हान नदी महोत्सव समिति,रामाकोना 
श्री संत लीलामृत घाट परिसर समिति,रामाकोना


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