बच्चे भी समझ रहे हैं कोरोना जैसी महामारी को तो फिर हम क्यों नहीं ? दिनेश साहू

लेखक दैनिक रोजगार के पल के प्रधान संपादक है



भोपाल - साथियों जहां एक ओर पुरी दुनिया कोरोना जैसी महामारी से ग्रसित है दुनिया के अधिकांश देशों ने कोरोना महामारी को लेकर संपूर्ण देश में लॉकडॉउन कर दिया है। हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री हम सभी से हाथ जोड़कर अपील कर रहे हैं, इस महामारी से निपटने के लिये देश की सारी विपक्षी पार्टियां भी माननीय प्रधानमंत्री के फैसले का पालन कर रहे हैं और उनकी तारीफ भी कर रहे हैं कि पूरे भारत वर्ष में 21 दिन का लॉकडॉउन घोषित कर दिया है देश के बड़े शहरों, महानगर,छोटे शहरों तथा गांव और मोहल्लों में कर्फयू लागू कर दिया हैदेश के बच्चें इस बात को समझ गये हैं फिर हम लोगों को ये छोटी सी बात क्यों नहीं समझ आ रही है हम सभी जानते हैं कि बड़ों को एक बार समझाना आसान होता है परंतु बच्चों को घर में रख पाना बहुत ही मुश्किल होता है लेकिन देश के बच्चे तो इस बात को समझ गये हैं कि अगर हमने 21 दिन तक कर्फयु का पालन कर लिया तो हम कोरोना जैसे महामारी को हरा देंगे और अगर लापरवाही बरती तो हम अपनी पीड़ी बरबाद कर लेंगे तो फिर हमें क्यों नहीं समझ आ रही है ? साथियों न्यूज चैनलों में देखा जा रहा है कि हम जैसे समझदार लोग कोरोना कर्फयु और लॉकडॉउन का पालन नहीं कर रहे हैं सार्वजनिक स्थानों पर एक साथ कई लोग खड़े हो रहे हैं सब्जी मंडियों और किराना दुकानों में भी हम अपनी सतर्कता का परिचय नहीं दे रहे हैं। साथियों जब देश का राजा हम से हाथ जोड़ कर हमारी स्वास्थ्य के लिये हम से प्रार्थना कर रहे हैं तो फिर समझ जाइये कि हम इसका पालन नहीं कर के कितनी बड़ी गलती कर रहे हैं। साथियों ये 21 दिन का लॉकडॉउन हमारे ही लिये है ताकि हम स्वस्थ रहें हमारा पूरा परिवार स्वस्थ रहे। साथियों हम सभी एक जिम्मेदार व्यक्ति है, हमारी जरूरत हमें स्वयं को हमारे परिवार देश और समाज को हैसाथियों एक बात याद रहे कि जान है तो जहान है वरना फिर आगे आप सभी समझदार है। इसलिये मेरी आप सभी से हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि हम हमारे स्वयं के लिये, परिवार समाज इसलिये मेरी आप सभी से हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि हम हमारे स्वयं के लिये, परिवार समाज और देश के लिये माननीय प्रधान मंत्री और मुख्यमंत्री की सलाह को मान लें आप सभी का शुभचिंतक।