कोरोना वायरस - मौत के आँकड़े बढ़ते रहने के साथ-साथ ही अगर अमरीकी अर्थव्यवस्था भी गहरी मंदी की ओर जाती है तो दोनों ही वजहें आगामी राष्ट्रपति चुनाव में उनके लिए मुसीबत बन सकती हैं.


अमरीका में अचानक बेरोज़गारों की संख्या बढ़ गई है. यहां 30 लाख से ज़्यादा लोगों ने खुद को बेरोज़गार के तौर पर पंजीकृत करवाया अचानक आई ये रिकॉर्ड बेरोज़गारी दिखाती है कि अमरीका की अर्थव्यवस्था रातोरात गहरे संकट में आ गई है. सरकार के शटडाउन के आदेश से ना सिर्फ कारोबार अस्थायी तौर पर बंद हो गए हैं बल्कि इससे लाखों अमरीकियों की नौकरियां भी चली गई हैं. इनमें से कई वो लोग हैं जो घंटों के हिसाब से काम करते हैं और हर महीने मिलने वाले पे-चेक पर निर्भर रहते हैं. इनके पास कोई बचत नहीं होती. शेयर मार्केट तेज़ी से गिरे और छंटनी की शुरुआती ख़बरों ने गुरुवार को बड़ा रूप ले लिया. इसे देखते हुए अमरीकी संसद ने देश के इतिहास के सबसे बड़े आर्थिक सहायता पैकेज की घोषणा की.


बीमार होती अर्थव्यवस्था अमरीकी संसद की तरह वाइट हाउस ने भी आने वाली आर्थिक सुनामी को देखा है. इस हफ्ते की शुरुआत में अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि वो कारोबारों को फिर से खोलने के लिए उत्सुक हैं. ये बयान उनके पहले वाले बयान से उलट है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वायरस के प्रसार को रोकने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी.


राजनीतिक भविष्य तय करने वाला समर्थनवर्ल्ड ट्रेड सेंटर और इराक़ युद्ध के वक्त जॉर्ज उब्ल्यू बुश को मिला लोगों का समर्थन चुनाव तक बना रहा और उन्हें फिर से चुनाव जिता गया. वहीं उनके पिता जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश इस मामले में इतने किस्मत वाले नहीं रहे, क्योंकि खाड़ी युद्ध के बाद मिला लोगों का समर्थन जल्द ही कम हो गया. ट्रंप के देश से वापस काम पर लौटने के आह्वान को अन्य कंजर्वेटिव्स ने भी दोहराया है. ये और ज़्यादा खुले तौर पर बोल रहे हैं कि लोगों की जिंदगियां बचाने के लिए इतने कड़े कदम उठाना ठीक नहीं है क्योंकि इससे आम लोगों की ही आर्थिक मुश्किलें बढ़ रही हैं. राष्ट्रपति की ये बातें आने वाले दिनों में उन कई गवर्नरों, रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के साथ मतभेद की वजह बन सकती है, जिनके हाथ में राज्यों की कमान है और वो अपने लोगों से प्रतिबंध कम करने के पक्ष में नहीं होगें. 'प्रायॉरिटी यूएसए एक्शन' नाम का एक लिबरल समूह एक विज्ञापन चलवा रहा है, जिसमें अमरीका में बढ़ रहे कोरोना के मामलों का चार्ट दिखता है, जिसके साथ ट्रंप का वो ऑठियो चलता है जिसमें वो शुरू में इस खतरे को खारिज कर रहे थे.


आर्थिक संकट सिर्फ़ शुरुआत है... ट्रंप के चुनाव अभियान की टीम ने इस विज्ञापन को रुकवाने के लिए नोटिस दिया है. उनका कहना है कि इसमें ट्रंप के बयान को गलत संदर्भ में दिखाया गया है. हालांकि इसके कई सबूत मिलते हैं कि राष्ट्रपति ने शुरुआती दिनों में वायरस के खतरे को हल्के में लिया. 30 लाख अमरीकी बेरोज़गार हैं, तीस लाख अमरीकी मुश्किल दौर से गुज़र रहे हैं. ये सब सत्ता की कुर्सी को हिला देने की ताक़त रखता संसद का सहायता पैकेज लोगों की आर्थिक मुश्किलों को कम करने के मकसद से दिया गया है लेकिन अगर गुरुवार को आए बेरोज़गारी के आँकड़े आर्थिक संकट की सिर्फ शुरुआत है तो ऐसे में इसे दूर करने के लिए ये पैकेज नाकाफ़ी होगा. अभी लगता है कि राष्ट्रपति इस बात को समझ गए हैं.


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