कोरोना वायरस: केंद्रीय गृह मंत्री ने कोरोना महामारी पर 20 अप्रैल से दी जाने वाली छूट के सम्बन्ध में राज्यों से महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा कर स्थिति को नियंत्रण में रखने के निर्देश दिए हैं. देश में क्या खुलेगा और क्या बंद रहेगा


केंद्रीय गृह मंत्री ने कोरोना महामारी पर 20 अप्रैल से दी जाने वाली छूट के सम्बन्ध में राज्यों से महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा कर स्थिति को नियंत्रण में रखने के निर्देश दिए हैं. गृह मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे क्षेत्र जो हॉट-स्पॉट, क्लस्टर्स , कंटेनमेंट जोन में नहीं आते उनमें कुछ गतिविधियों की अनुमति दी जा रही है. हालांकि ये छूट कंटेनमेंट ज़ोन में लागू नहीं होगी.


सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि छूट केवल वास्तविक परिस्थितियों का यथोचित आंकलन करके दी जाए.' सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल देने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ आर्थिक गतिविधियों की अनुमति दी है. सरकार ने अपने बयान में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को दिए अपने भाषण में कहा था कि 20 अप्रैल से कुछ शर्तों के साथ लॉकडाउन से कुछ इलाकों में छूट दी जाएगी. सरकार ने इस संबंध में 15 अप्रैल को दिशानिर्देश भी जारी किए थे और उन गतिविधियों का जिक्र किया था जिन्हें अनुमति दी जाएगी. अब सरकार ने कहा है कि ये ढील 20 अप्रैल की मध्यरात्रि से लागू होगी. 20 अप्रैल से इन चीज़ों में ढील दी जाएगी. - खेती, हॉर्टीकल्चर, कृषि से जुड़ी गतिविधियों को शुरू करने की इजाजत दी जाएगी. - सभी स्वास्थ्य सेवाएं चालू रहेंगी. इनमें आयूष से जुड़ी सेवाएं भी हैं. - मनरेगा वर्करों को काम करने की इजाज़त होगी लेकिन उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का सख़्ती से पालन करना होगा. -खेती से जुड़े सामान, कल-पुर्जे, सप्लाई चेन से जुड़े काम किए जा सकेंगे. -दवा बनाने वाली कंपनियां और मेडिकल उपकरण बनाने वाले कारखाने खुल सकेंगे. - चाय, कॉफ़ी, और रबर पलांटेशन को अधिकतम 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ काम करने की इजाज़त होगी. -तेल और गैस सेक्टर से जुड़ी सभी गतिविधियां जारी रहेंगी. - पोस्टल सर्विस जारी रहेगी, पोस्ट ऑफ़िस खुले रहेंगे. - गौशाला और जानवरों के शेल्टर होम खुले रहेंगे. - आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बरकरार रखी जाएगी. - निर्माण कार्यों को अनुमति होगी. - लेकिन ये सारी छूट कोरोना के हॉटस्पॉट और कंटेनमेंट जोन में रहने वाले लोगों को नहीं दी जाएगी. - ग्रामीण इलाकों में चल रहे उद्योग धंधों को खोलने की इजाज़त होगी लेकिन इसके लिए सोशल डिस्टेंसिंग का सख़्ती से पालन करना होगा.


- किसी भी राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश को इन गाइडलाइन को नज़रअंदाज़ करने की अनुमति नहीं होगी. अलबत्ता राज्य या केंद्र केंद्र शासित प्रदेश चाहें तो अपने स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार लॉकडाउन को और ज़्यादा सख़्त बना सकते हैं.


जो नहीं होगा - रेल, मेट्रो, सड़क और हवाई यात्रा तीन मई तक बंद रहेंगे. - शॉपिंग मॉल, सिनेमाघर, ऑडिटोरियम, खेल परिसर, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, बार, जिम, रेस्त्रां वगैरह भी बंद रहेंगे. - स्कूल, कॉलेज और सभी शिक्षण संस्थान भी तीन मई तक बंद रहेंगे. लेकिन इन संस्थानों को अकादमिक सेशन को मेंटेन करना होगा. इसके लिए वे ऑनलाइन क्लासेज़ का सहारा ले सकते हैं. इसके लिए दूरदर्शन और दूसरे शैक्षणिक चैनलों की भी मदद ली जा सकती है. - मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, चर्च और किसी भी तरह के धार्मिक स्थल पूरी तरह बंद रहेंगे. इसके लिए किसी भी तरह के धार्मिक आयोजन की भी अनुमति नहीं होगी. - शादी-विवाह, सार्वजनिक कार्यक्रम, सामाजिक उत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सेमिनार, राजनीतिक कार्यक्रम, कॉन्फ्रेंस, खेल आयोजन पर भी पाबंदी लगी रहेगी. - अंतिम संस्कार में 20 से ज़्यादा लोगों को शामिल होने की अनुमति नहीं होगी.