कोरोना लॉकडाउन: लॉकडाउन की वजह से बिहार के छपरा में 57 दिन से फंसे हंगरी के विक्टर जीको का सब्र आखिरकार टूट गया. भागने की कोशिश की,


लॉकडाउन की वजह से बिहार के छपरा में 57 दिन से फंसे हंगरी के विक्टर जीको का सब्र आखिरकार 24 मई को टूट गया. सदर अस्पताल, छपरा में रह रहे विक्टर ने भागने की कोशिश की, लेकिन वो नाकाम रहे. दरभंगा के सिमरी थाने के पास पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया. कौन हैं विक्टर जीचो? पूर्वी यूरोपीय देश हंगरी के निवासी विक्टर जीको धार्मिक पर्यटक हैं. वो 8 फरवरी को भारत आए थे. जिसके बाद उन्होंने पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश की यात्रा अपनी हाईटेक साइकिल से की. सामान हो गया चोरी सदर अस्पताल, छपरा के 6 बेड वाले वार्ड में फिलहाल अकेले रह रहे विक्टर का लैपटॉप, मोबाइल, पासपोर्ट, नकद राशि, कपड़े अप्रैल माह में चोरी हो गए थे. जिसके बाद छपरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उनका सामान बरामद कर लिया लेकिन पासपोर्ट सुरक्षित नहीं बरामद कर सकी.आधा हिन्दुस्तान सड़क पर, मुझे अनुमति क्यों नहीं? इस बीच दार्जिलिंग जा कर अपनी भारत यात्रा पूरी करने के लिए जीको बेताब हैं. सारण जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, सिविल सर्जन से आगे जाने की अनुमति मांग रहे जीको कहते है, "मैं निराश हो गया हूं. अधिकारी कहते हैं कि जब तक लॉकडाउन पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता वो मुझे आगे जाने की अनुमति नहीं दे सकते लेकिन भारत में लॉकडाउन का कोई मतलब नहीं है. यहां तो आधा हिंदुस्तान सड़क पर है और फिर मैं अकेले यात्रा करने वाला पर्यटक हूं और मुझे अपनी साइकिल से ही आगे की यात्रा करनी है.


भारत में घूमने के लिए नहीं दी जा सकती अनुमति सारण जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने बीबीसी से कहा, "गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस टूरिस्ट मूवमेंट में लिए कोई गाइडलाइन नहीं है. यदि टूरिस्ट फंसा हुआ है और अपने देश जाना चाहता है तो उसके लिए गाइडलाइन है लेकिन टूरिस्ट को भारत में ही आगे जाने की अनुमित देने के लिए कोई गाइडलाइन नहीं है. हम लोगों ने गृह विभाग को मामले के बारे में सूचित कर दिया गया है."


विक्टर क्यों जाना चाहता है दार्जिलिंग? विक्टर दार्जिलिंग के लेबांग कार्ट रोड स्थित एलेक्जेंडर सीसोमा डी कोरोस स्थित मकबरे पर जाना चाहते हैं. एलेक्जेंडर सीसोमा तिब्बत भाषा और बौध्द दर्शन के जानकार थे. वो एशियाटिक सोसायटी से भी जुड़े रहे. उन्होंने पहली तिब्बती-इंग्लिश डिक्शनरी लिखी थी और माना जाता है कि उन्हें 17 भाषाएं आती थीं. गौरतलब है कि पहले अप्रैल माह में अस्पताल से विक्टर के सामान की चोरी और उसके बाद 24 मई को खुद उनका अस्पताल से चले जाना, छपरा प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रहा है.


पाकिस्तान और भारत के लोग एक जैसे विक्टर अपनी साइकिल से 11 देशों की यात्रा कर चुके हैं. रोमानिया, इराक, ईरान, उज़्बेकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, पाकिस्तान, बुल्गारिया, तुर्की, तुर्केमिनिस्तान, तज़ाकिस्तान की यात्रा साइकिल से कर चुके विक्टर कहते हैं कि पाकिस्तान और भारत के लोगों में उन्हें कोई खास अंतर नहीं लगता.


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