शिवराज जी,बिजली कंपनियां अनुमानित आकलित खपत के आधार पर भेजे जा रहे बिजली बिलों से जनता को हलाकान कर रही हैं,राजस्थान सरकार ने 3 माह के बिजली,पानी के बिल माफ कर दिए हैं,आप क्यों नहीं?आप व बिजली कंपनियों के बीच हुए अनुबंधों का पाप जनता क्यों सहे! - के के मिश्रा

शिवराज जी,बिजली कंपनियां अनुमानित आकलित खपत के आधार पर भेजे जा रहे बिजली बिलों से जनता को हलाकान कर रही हैं,राजस्थान सरकार ने 3 माह के बिजली,पानी के बिल माफ कर दिए हैं,आप क्यों नहीं?आप व बिजली कंपनियों के बीच हुए अनुबंधों का पाप जनता क्यों सहे! @OfficeOfKNath @ChouhanShivraj https://t.co/gOrREutRVg


Popular posts
आंसू" जता देते है, "दर्द" कैसा है?* *"बेरूखी" बता देती है, "हमदर्द" कैसा है?*
मध्यप्रदेश के मेघनगर (झाबुआ) में मिट्टी से प्रेशर कुकर बन रहे है
Image
भगवान पार ब्रह्म परमेश्वर,"राम" को छोड़ कर या राम नाम को छोड़ कर किसी अन्य की शरण जाता हैं, वो मानो कि, जड़ को नहीं बल्कि उसकी शाखाओं को,पतो को सींचता हैं, । 
Image
ग्रामीण आजीविका मिशन मे भ्रष्टाचार की फिर खुली पोल, प्रशिक्षण के नाम पर हुआ घोटाला, एनसीएल सीएसआर मद से मिले 12 लाख डकारे
Image
कान्हावाड़ी में बनेगी अनूठी नक्षत्र वाटिका, पूर्वजों की याद में लगायेंगे पौधे* *सांसद डीडी उइके एवं सामाजिक कार्यकर्ता मोहन नागर ने कान्हावाड़ी पहुँचकर किया स्थल निरीक्षण
Image