संयुक्त संघर्ष मोर्चा द्वारा मुख्यमंत्री के नाम अपनी मांगों के संबंध में 52 जिलों के कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा म.प्र. कांग्रेस कमेटी मंडी कर्मचारियों की हर लड़ाई लड़ेगी - दिनेश साहू प्रवक्ता म.प्र. कांग्रेस कमेटी


आम सभा में म.प्र. कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता श्री दिनेश साहू भी पहुंचे उन्होंने कहा कि मंडी बोर्ड के कर्मचारियों के इस लड़ाई में म.प्र. कांग्रेस कमेटी कंधा से कंधा मिलाकर साथ देगी।



भोपाल - संयुक्त संघर्ष मोर्चा मंडी बोर्ड भोपाल के द्वारा आयोजित ज्ञापन कार्यक्रम में म.प्र. कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता दिनेश साहू भी उपस्थि हुये



आज दिनांक 16 जलाई को अपनी विभिन्न मांगों के संबंध में 52 जिलों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया जिसमें प्रदेश के किसान, व्यापारी, हम्माल एवं तुलावटी वर्ग भी शामिल रहा है प्रदेश की 259 मंडी समिति एवं 298 उपमंडी, 07 आंचलिक कार्यालय तथा 13 तकनीकी कार्यालय एवं मंडी बोर्ड मुख्यालय कार्यालय को बंद किया जाकर तथा समस्त कर्मचारी अधिकारियों द्वारा सामुहिक अवकाश लिया गया। जिसमें प्रदेश के प्रत्येक जिले में ज्ञापन सौंपे जाने कि कार्यवाही और कर्मचारी अधिकारियों कि उपस्थिति 100 प्रतिशत रही। जिस कारण मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन सौंपा जाकर अपनी मांगों के संबंध में निर्णय लेने हेतु सामुहिक रूप से प्रशासन स्तर से अवगत कराते हुये 20 जुलाई 2020 तक मांग पुरी की जाने का अनुरोध किया गया है। उपरोक्त अवधि में मांगें पुरी नहीं होने पर व्यापक रूप से आंदोलन को गति प्रदान की जायेगी, जिससे शासन अवगत है जिसका संपूर्ण उत्तरदायित्व शासन प्रशासन का होगा


इसी तारतम्य में मंडी बोर्ड के कर्मचारी एवं अधिकारियों ने अरेरा हिल्स भोपाल स्थित म.प्र. राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड कार्यालय के मुख्य द्वार पर उपस्थित होकर एक सभा का आयोजन किया और वहीं से अधिकारी एवं कर्मचारी एकत्रित होकर भोपाल कलेक्टर को ज्ञापन देने कलेक्टर कार्यालय पहुंचे आम सभा में म.प्र. कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता श्री दिनेश साहू भी पहुंचे उन्होंने कहा कि मंडी बोर्ड के कर्मचारियों के इस लड़ाई में म.प्र. कांग्रेस कमेटी कंधा से कंधा मिलाकर साथ देगी।


श्री साहू जी ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंडी बोर्ड कर्मचारियों के साथ जो अन्याय कर रहे हैं उस बर्दाश्त नहीं किया जायेगा श्री साहू जी ने यह भी कहा कि जब मुख्यमंत्री ने यह आदेश निकाला था तभी म.प्र. के दोनों पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी एवं दिग्वजय सिंह जी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर यह आदेश वापस लेने का आग्रह किया था लेकिन सौदेबाजी के द्वारा बनी सरकार के मदमस्ती में शिवराज ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया और आदेश को यथावत रखा


जब आज मंडी बोर्ड कर्मचारियों का संगठन मैदान में उतर ही गया है तो मै मुख्यमंत्री को ये बता दूं कि म.प्र. कांग्रेस कमेटी इन कर्मचारियों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर सड़क पे उतरेगी और मुख्यमंत्री के इस तानाशाही आदेश को लागु नहीं होने देगी।


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